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जानिये इंग्लैंड की पहली मस्जिद तामीर करने वाले विलियम ‘अब्दुल्लाह’ के बारे में

विलियम क्विलिम सबसे पहले शख्स थे, जिन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया और वह पहले मुस्लिम थे जिन्होंने पहली बार क्रिसमस मनाया था, जिसमे  उन्होंने कुछ गरीब लोगों को इकठ्ठा किया और उन्हें खाना बांटा था.

विलियम क़ुइल्लिअम ने इस्लाम कुबूल करने के बाद अपना नाम विलियम ‘अब्दुल्लाह’ क्विलिम रखा था.

25 दिसंबर 1888 के सुबह 6 बजे, कड़ी सर्दी के मौसम में अंग्रेजी शहर लिवरपूल में सूरज निकालने को पूरी तरह से तैयार था. विलियम ‘अब्दुल्लाह’ क्विलिम ने अपने पूरे घर को रौशनी से सजाया था.

हल्की जगमगाती मोमबत्ती की रोशनी की चमक से बौर्ग्हम की छतों पर  पुरुषों और महिलाओं को क्रिसमस दिवस के लिए बड़े पैमाने पर साज-सजावट  की गयी और इस बड़े जश्न के लिए कई तरह का खाना बनाया गया, इसी के साथ क्रिसमस के जश्न की शुरुआत की गयी.

source: Abdullah Quilliam Society

विलियम के इंस्टिट्यूट के एक कोने में, पियानो बजाने के लिए एक महिला को बुलाया. विलियम क्विलिम ने 1887 में इस्लाम कुबूल किया था और ब्रिटेन की पहली मस्जिद लिवरपूल रिकॉर्ड्स ऑफिस बनाई गयी थी.

यह ब्रिटेन की पहली मस्जिद थी और मुस्लिम समुदाय अपने पहले क्रिसमस दिवस के लिए तैयारी कर रहा था. सुबह 8 बजे, सुबह की प्रेयर्स के आये लोगों  के लिए मस्जिद के दरवाज़े खोले गए और उन्हें पहला क्रिसमस मनाने के लिए बुलाया गया.

इमाम विलियम हेनरी “अब्दुल्लाह” क्विलिम ने 1887 में 31 साल की उम्र  में इस्लाम कुबूल करने के बाद मस्जिद बनवाई थी. शहर के 100 से अधिक गरीबों को मस्जिद में बुलाया था, जिन्हें “इस्लाम चर्च” के नाम से मशहूर  जगह पर क्रिसमस के मौके पर नाश्ते के इंतजामात किये थे.

Liverpool Muslim Institute (source: Abdullah Quilliam Society)

जश्न के मौके पर उन लोगों को बुलाया गया जिन्होंने हाल ही में इस्लाम कुबूल किया था, लोगों को “सैंडविच, रोटी और घोस्ट, सीडलोफ, बनलोफ, रोटी और मक्खन, चाय और कॉफी” बाँटकर क्रिसमस का जश्न मनाया गया.

पैगंबर ईसा(अ.स.) या जीसस के जन्म की की ख़ुशी में मध्धम संगीत बजाया गया. शाम तक जश्न में शामिल होने वालों की तादाद बढती रही. माहौल बहुत ही खुशनुमा  था और वहां के मुस्लिमों इस्लाम चर्च में आये सभी लोगों को खाना खिलाया और चाय भी बांटी.

शाम का आगाज़ सुहाने गीतों और रौशनी के रंग के साथ हुआ और यह जश्न का सिलसिला रात तक जारी रहा, इसी तरह विलियम अब्दुल्लाह ने क्रिसमस का जश्न मनाया.

Members of Liverpool Muslim Institute (source: Abdullah Quilliam Society)