Home मिडिल ईस्ट युद्ध समाप्ति के प्रयासों का यमन ने दिल खोलकर किया स्वागत

युद्ध समाप्ति के प्रयासों का यमन ने दिल खोलकर किया स्वागत

यमन के विदेश मंत्री हेशाम शरफ ने सऊदी अरब और उसके गठबंधन के आक्रमण और आतंकवादी समूहो के समर्थन को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासो का स्वागत किया।

यमन की सबा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार यमन के विदेश मंत्री हेशाम शरफ ने मंगलवार को जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल की सऊदी अरब और अमीरात की यात्रा के दौरान यमन के युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देते हुए कहा हथियार और सैन्य बल द्वारा शांति नहीं हो सकती का स्वागत किया।

उन्होंने यमन मे शांति लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का जर्मनी द्वारा किए गए समर्थन को महत्वपूर्ण बताया।

हेशाम शरफ ने यमन और बर्लिन के अच्छे संबंधो की ओर संकेत करते हुए कहा कि यमन मे शांति स्थापित करने में जर्मनी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

यमनी विदेश मंत्री ने एक बार फिर निष्पक्ष और उचित शांति के विकल्प पर तैयार यमन की जनता, सेना, सार्वजनकि समितियो, जनजातियो, बहादुर स्वयंसेवको का आक्रमकारियों और अन्यायपूर्ण घेराबंदी के खिलाफ निरंतर संघर्ष जारी रखने का उल्लेख किया।

यमन के विदेश मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व में सऊदी गठबंधन शांति प्रयासों में बाधा डाल रहा है और हथियार और निवेश अनुबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा नरसंहार और विनाश की अनदेखी करना सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करता है।

हेशाम शरफ ने कहा कि अब समय आ गया है कि विश्व समुदाय यमन में शांति स्थापित करने के लिए कार्रवाई करे विशेष रूप से युद्ध, घेराबंदी के परिणामस्वरूप यमन में मानवीय त्रासदी की स्थिति और अराजकता में होती दिन प्रतिदिन वृद्धि ने खुद इंसानो द्वारा मानवीय संकट पैदा कर दिया है जब कि दुनिया की प्रकृति मे कोई परिवर्तन आया है।

यमनी विदेश मंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जंग का परिणाम विनाश, घृणा, सामाजिक ताने-बाने में दराड़, अराजकता, आतंकवादी और चरमपंथी गुटों- जो कि न तो किसी राष्ट्र को पहचानते है और न ही किसी सरकार को- के विकास के अलावा कुछ नहीं है।

सऊदी अरब ने अन्य देशो के साथ मिलकर मार्च 2015 से यमन के भगोड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी को बहाल करने के लिए यमन पर आक्रमण करते हुए उसकी जमीन, हवा और पानी की नाकाबंदी कर रखी है। सैन्य आक्रमण के परिणाम स्वरूप अब तक यमन की 12 हजार से अधिक जनता मारी जा चुकी है जबकि कई हजार लोग घायल और लाखो लोग बेघर हो चुके है।