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झूठी है बगदादी के मारे जाने की खबर, इतनी जल्दी हाथ नहीं आएगा बगदादी: एक्सपर्ट्स

कहा जा रहा है कि आइएसआइएस का सरगना अबू बकर अल बगदादी मारा जा चुका है. पहले भी समय-समय पर ऐसी अफवाहें सामने आती रही हैं. ये कहना मुश्किल है कि इस बार बगदादी के मरने की खबर कितनी सच है या कितनी झूठ. लेकिन एक बार फिर इस मुद्दे पर कयासबाजी तेज हो गई है.

एक तरफ सीरिया के सरकारी टीवी चैनल ने उसके मारे जाने की खबर दी है तो दूसरी तरफ कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बगदादी बुरे हाल में बदहाली में जरूर है, लेकिन वह अभी मरा नहीं है, न ही वो इतनी जल्दी हाथ आने वाला है. वह अपने दो मुख्य केंद्रों को खोने की कगार पर है और जान बचाने की जद्दोजहद कर रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी उसके पकड़े जाने या मारे जाने में कई साल का वक्त लग सकता है.

इराक के मोसुल और सीरिया के रक्का में आईएस के लड़ाके हार के नजदीक है. अधिकारियों का कहना है कि वह दोनों जगहों से निकल चुका है और हजारों किलोमीटर तक फैले रेगिस्तान में छुप रहा है. उत्तरी इराक में कुर्दिस्तान के आतंक रोधी संगठन के मुखिया लाहुर तालाबने ने कहा कि अंत में या तो वह पकड़ा जाएगा या फिर मारा जाएगा. वह हमेशा भूमिगत नहीं रह सकता है, हालाँकि अभी इसमें कुछ सालों का समय लग सकता है.

इस्लामिक स्टेट से जुड़े मुद्दों पर मिडिल ईस्ट सरकार को सलाह देने वाले हिशाम अल हाशमी कहते हैं कि बगदादी की सबसे बड़ी चिंताओं में यह भी शामिल है कि कहीं उसके सिर पर घोषित 160 करोड़ रुपये के इनाम के लालच में उसका कोई करीबी ही धोखा ना दे दे. उन्होंने आगे कहा बगदादी के पास अब जमीन का कोई टुकड़ा नहीं जिस पर उसका शासन हो.

अब वह ‘खलीफा’ पद पर दावा भी नहीं कर सकता. वह अब जान बचाने के लिए भाग रहा है और उसके समर्थकों की संख्या भी तेजी से घट रही है. इराकी सुरक्षा बलों ने उत्तरी इराक में मोसुल के बड़े हिस्से पर दोबारा कब्जा कर लिया है. 2014 में आइएसआइएस ने इस शहर पर कब्जा कर लिया था और बगदादी ने खुद को खलीफा घोषित किया था. बगदादी का अंतिम विडियो भी उसी समय सामने आया था.