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सीरिया के राजदूत ने जायोनी शासन और आतंकवाद को बताया एक ही सिक्के के दो पहलू

संयुक्त राष्ट्रसंघ में सीरिया के राजदूत ने अपने एक बयान में कहा कि जायोनी शासन और आतंकवाद एक ही सिक्के के दो पहलु हैं.

उन्होंने मध्यपूर्व में संयुक्त राष्ट्रसंघ के तथाकथित शांति प्रक्रिया के समन्वयकर्ता निकोलाइ मिलादीनोफ की उस रिपोर्ट की आलोचना की जो उन्होंने सुरक्षा परिषद में पेश की. इस रिपोर्ट में सीरिया के गोलान की पहाड़ियों के अतिग्रहण की अनदेखी की गयी थी.

 बश्शार जाफरी ने मध्यपूर्व के मामलों की समीक्षा के लिए आयोजित हुई सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि जायोनी शासन द्वारा सीरिया के गोलान की पहाड़ियों के अतिग्रहण के विषय की अनदेखी ऐसी स्थिति में की जा रही है जब गोलान की पहाड़ियों का विषय मध्यपूर्व के बुनियादी मामलों में से है.

उन्होंने कहा कि दमिश्क अपना भविष्य निर्धारित करने हेतु फिलिस्तीनी जनता के अधिकार, एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन और इसी प्रकार फिलिस्तीनी शरणार्थियों की स्वदेश वापसी के अधिकार पर बल देता है.

बश्शार जाफरी ने इस्राईल की अतिक्रमण नीतियों के मुकाबले में सुरक्षा परिषद के मौन के जारी रहने को अतिग्रहणकारी कार्यवाही और गैर कानूनी ढंग से जायोनी कालोनियों के निर्माण के जारी रहने का महत्वपूर्ण कारण बताया.

उन्होंने कहा कि इस्राईल के अतिक्रमण के मुकाबले में सुरक्षा परिषद का कमजोर दृष्टिकोण इस बात का कारण बना है कि जायोनी शासन गोलान के अतिग्रहित क्षेत्र में आतंकवादी गुटों के समर्थन में किसी प्रकार का डर न रखे.

उन्होंने सुरक्षा परिषद में जायोनी शासन के प्रतिनिधि के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जिस शासन का आधार ही अतिग्रहण और राष्ट्रों को बेघर करना है वह न तो डेमोक्रेसी का दावा कर सकता है और न ही सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रति चिंता जता सकता है.