Home मिडिल ईस्ट यूएन में फिलिस्तीन को मिली जीत को लेकर विश्व नेताओं की आ...

यूएन में फिलिस्तीन को मिली जीत को लेकर विश्व नेताओं की आ रहीं प्रतिक्रियाएँ

source: Daily Sabah

World News Arabia Published Date: 23-December-2017 Time: 01:23 PM

सोमवार को अमेरिका ने अपने प्रस्ताव को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद के वीटो का इस्तेमाल किया था. अमेरिका का समर्थन करने वाले ब्रिटेन और फ्रांस सहित परिषद के सभी 14 अन्य देशों ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया था, जबकि 128 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है.

जेरुशलम प्रस्ताव पर अमेरिका के पास वीटो पॉवर नहीं गयी, और ट्रम्प पड़ गए है अकेले. इजराइल के लिए हार का क्या मतलब है, इजराइल ने येरुशलम को खोया है या अमेरिका को?

आइये जानते है दुनिया भर से क्या प्रतिक्रिया आ रही है

मलेशिया ने जेरुशलम का पूर्ण समर्थन किया- पुतरा मस्जिद में एक विशेष मंच तैयार किया गया जिसमें छह विशेषज्ञों ने आज फिलिस्तीन के लिए अपना समर्थन दिया और अमेरिका को इजरायल की राजधानी के रूप में यरूशलेम की मान्यता देने पर नाराज़गी ज़ाहिर की.

पैनल में से एक फिलिस्तीन के राजदूत मलेशिया दतुक डॉ अनवर अल-आगा ने कहा कि फिलिस्तीन को मलेशिया की तरफ से पूरा समर्थन दिया जाएगा. एक ख़ास रैली का आयोजन भी किया गया जिसमें “येरूशलम बचाओ” के नारे लगाये गए.

source: The Sun Daily

मलेशियाई लोगों का समर्थन फिलिस्तीनियों को यरूशलेम की रक्षा के लिए प्रेरित करेगा और मलेशियाई लोगों ने कहा कि “आज का दिन मलेशिया और येरुशलम के लिए ख़ास दिन है.”

भारत भी आया जेरुशलम के समर्थन में, येरुशलम प्रस्ताव पर भारत आया येरूशलम के साथ, भारत ने फिलिस्तीनी लोगों को समर्थन देने का किया वादा. येरूशलम का समर्थन करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को भी मदद और फण्ड रोकने की दी धमकी.

“तुर्किश राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने डिबेट से पहले ट्वीट करके सक्त आलोचना ज़ाहिर करते हुए कहा कि ट्रम्प, आप अपने डॉलर से तुर्की की लोकतांत्रिक इच्छा नहीं खरीद सकते है.” एर्दोगान येरुशलम को इजराइल की राजधानी को मान्यता देने के पहले दिन से ही ट्रम्प के फैसले के खिलाफ थे.

source: Reuters

वहीँ कुछ देश ऐसे भी है जिन्होंने येरुशलम प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इनमे कनाडा, मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, कोलम्बिया, हैती, पोलैंड और फिलीपींस शामिल है.

मैक्सिको के राजदूत जुआन जोस ने कहा कि “मैक्सिको इसे येरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के लिए एकतरफा घोषणा के लिए सकारात्मक या उपयोगी नहीं मानता है.” गोमेज़ कामाचो ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आपातकालीन सत्र आयोजित करने की कोई ज़रूरत नहीं थी.

यह वह देश है जिन्होंने ट्रम्प के फैसले का समर्थन किया है इजरायल के अलावा “ग्वाटेमाला, होंडुरास, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, पलाउ, टोगो शामिल है.

इज़राइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “इज़राइल, येरूशलम के पक्ष में स्पष्ट स्थिति के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प और उन देशों का धन्यवाद करता है जिन्होंने सच्चाई का साथ देकर मतदान किये है.”

source: Pinterest