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‘बेगुनाह’ फिलिस्तीनी बच्चे को मौत के घाट उतारने वाले इजराइली सैनिक पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही?

source: Middle East Monitor

एक इजरायली सेना के अधिकारी ने 15 वर्षीय फिलिस्तीनी लड़के की हत्या करने उसे मौत के घाट उतार दिया. इजराइली सेना ने फिलिस्तीनी नागरिकों की कार पर गोली चला दी जिसकी वजह से फिलिस्तीनी लडके की मौत हो गयी. आखिर बेवजह मासूमों की जाने लेने  वाले इजराइल सेना के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं चलाया गया.

21 जून 2016 की रात एक स्विमिंग पूल से लौटने के बाद महमूद बदरन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि उनके चार दोस्त घायल हो गये थे.

उस वक़्त इजरायल की सेना ने दावा किया कि बलों के ऐसा करने के पीछे की वजह बताई कि यह फिलिस्तीनी नवयुवक इजराइल सैनिकों पर कब्जे वाले वेस्ट बैंक में रुट 443 में पत्थर फेंक रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया.

मिलिट्री पुलिस आपराधिक जांच प्रभाग (एमपीसीआईडी) की जांच ने अब निष्कर्ष निकाला है और अपनी सफाई में कहा कि, “नियम” के उल्लंघन करने पर अधिकारी ने गोली चलाई जिसकी वजह से सभी युवा घायल हो गए.

source: Haaretz

हारेटज़ के मुताबिक, अधिकारी कफ़ीर ब्रिगेड में एक प्लाटून कमांडर है, जो कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में है. वह और उनके दो साथी येरूशलम की ओर बढ़ रहे थे, जब  उन्होंने देखा कि सड़क पर पत्थर और एक तेल फेक रहा है और एक तरफ किनारे पर एक बस खड़ी है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, सैनिकों ने देखा की कोई पत्थरों को फेंक रहा था, तब अधिकारी और सैनिक बाहर निकल गए और रूट 443 में सड़क पर चल रही गाड़ी पर फायरिंग करना शुरू कर दी. वेस्ट बैंक के ओपन-फ़ायर नियमों के तहत अगर  सैनिकों को कोई भी खतरा महसूस होता है तो हवा में गोली मार दी जानी चाहए.

इजरायल के अधिकार समूह बी’टेलैम के मुताबिक, “भारी गोलीबारी” से फ़िलिस्तीनी युवाओं के वाहन पर हमला किया गया था, जबकि सैनिकों को फिलिस्तीनी युवकों के पत्थर फेकने का ज़रा भी शक नहीं था, फिर भी सैनिकों ने यह कदम उठाया.

एमपीसीआईडी जांच के मुताबिक इजराइली सैनिकों पर किसी भी तरह का आरोप नहीं लगाया गया है.