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फिलिस्तीनी NGO की सहायता में कटौती करने के लिए नेतान्याहू ने किया डेनमार्क का धन्यवाद

world news Arabia published date 26 December 2017 time :11:35

डेनमार्क द्वारा कई फिलिस्तीनी NGO को दी गयी आर्थिकी को वापस लेने के फैसले का नेतान्याहू ने धन्यवाद किया.

नेतान्याहू ने सभी यूरोपियन देशों को डेनमार्क के जैसा कार्य करने के लिए कहा, नेतान्याहू ने कहा की “अन्य यूरोपियन देशों को डेनमार्क को फॉलो करना चाहिए”.

नेतान्याहू ने कहा की “मैं सभी यूरोपीय सरकारों से उन संगठनों के समर्थन को समाप्त करने के लिए कहता हूं जो आतंकवाद और इजरायल के बहिष्कारों का समर्थन करते हैं, उन्होंने कहा की “डेनमार्क ने यह कदम उठाने का फैसला किया है, लेकिन यह पहला या अंतिम नहीं है”.

शुक्रवार को डेनमार्क के विदेश मंत्री एंडर्स सैमुएलसन ने घोषणा की कि “वह फिलीस्तीनी गैर-सरकारी संगठनों को धन देने के लिए एक “कठोर” प्रक्रिया को लागू करेंगे.”

यह कदम नेतान्याहू और सैमुएलसन की मई में हुई बैठक के दौरान हुई बातचीत के बाद लिया गया है, जहां नेतान्याहू ने सैमुएलसन से आग्रह किया था की वह फिलिस्तीनी NGO को देने वाली आर्थिकी में कटौती कर दें, क्योंकि नेतान्याहू ने दावा किया है की “यह यहूदी राज्य के बहिष्कारों को बढ़ावा देने” में शामिल हैं”.

नेतान्याहू ने सैमुएलसन को उन सभी संगठनों की सूची दी जो डेनमार्क से धन प्राप्त करते हैं, और इसराइल के बहिष्कार को बढ़ावा देते हैं.

नेतन्याहू ने यह अपनी साप्ताहिक कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा, जहाँ उन्होंने यह भी कहा था कि “महमूद अब्बास [फिलिस्तीनी राष्ट्रपति] ने इजरायल-फिलीस्तीन संघर्ष के समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है, हालाँकि राष्ट्रपति अब्बास ने पहले ही घोषणा की थी कि वह किसी भी शांति की योजन को स्वीकार नहीं करेंगे जो की संयुक्त राज्य द्वारा रखी गयी है”.

इजरायल के नेता ने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा की “अमेरिकी प्रशासन का मानना ​​है कि इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष मिडिल ईस्ट में मुख्य समस्या नहीं है.”, उन्होंने कहा की मिडिल ईस्ट में संघर्ष की लड़ाई की जड़ इसराइल नहीं बल्कि ईरान में कट्टरपंथी इस्लाम और आतंकवाद है, जो इसे प्रेरित करता है.”