Home मिडिल ईस्ट सीरिया, फिलिस्तीन, यमन के महत्वपूर्ण मामलों पर गाजा में हुआ सम्मेलन

सीरिया, फिलिस्तीन, यमन के महत्वपूर्ण मामलों पर गाजा में हुआ सम्मेलन

10 जनवरी को गाज़ा में क्षेत्र के महत्वपूर्ण मामलों जिसमें यमन, फ़िलिस्तीन, सीरिया और इराक़ के मामले शामिल थे पर एक सम्मेलन आयोजित किया गया।

क्षेत्र में ट्रम्प की यात्रा के बाद हमको बहुत से बदलाव देखने को मिले हैं और जिसके प्रभावों के तौर पर हम देखते हैं कि इस यात्रा के बाद ही क्षेत्र के कुछ अरब देशों ने फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधी संगठन को आतंकवादी संगठन करार दे दिया है।

फिलिस्तीनी मीडिया ने भी इस बारे में एक बैठक आयोजित की जिसमें लेखकों, समाचार संपादकों और मीडिया प्रमुखों ने शिरकत की और यमन के बारे में विचारों का आदान प्रदान किया। सक्रिया मीडिया कार्यकर्ता उस्ताद तालिब अलहसनी ने भी वीडियों कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यमन और क्षेत्र की घटनाओं पर आधारित बातचीत में भाग लिया।

उन्होंने कहाः इस समय अरब और इस्लामी देश विशेष कर फ़िलिस्तीन की समस्या को भुला दिया गया है, और उन्होंने इस बारे में इस्राईल द्वारा अरब देशों की हार जिसकी कुछ दिनों पहले वर्षगांठ थी की तरफ़ इशारा किया।

उन्होंने कहाः कुछ समय पहले नुदबा दीवार के करीब जायोनी शासन द्वारा आयोजित की जाने वाली बैठक एक भड़काऊ कार्य और कुद्स और मस्जिदुल अकसा के यहूदी करण की साज़िश का हिस्सा है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहाः फिलिस्तीन का मामला अब भी अरब कौम और वह कौम जिन्होंने फ़िलिस्तीन के साथ ही अमरीका और उसके अरब सहयोगियों का हमला झेला लेकिन उसके आगे घुटने नहीं टेके, महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहाः अरब कौम अब भी फ़िलिस्तीन का समर्थन करती है, और सदैव फ़िलिस्तीनियों के साथ हैं। वह हमेशा फ़िलिस्तीन और कुद्स के समर्थक रहेंगे, वह मामला जिसको शत्रु सदैव से समाप्त करना चाहता है, विशेषकर नए बदलावों और खाड़ी के अरब देशों द्वारा अतिक्रमणकारी जायोनी शासन के साथ संबंध सामान्य बनाए जाने के माध्यम से जोकि एक धोखा और पीठ में छुरा घोंपना है।

उन्होंने यमन पर सऊदी अरब के आक्रमण के 800 दिन पूरे हो जाने के बारे में कहाः यह बर्बरता उस अपराध की भाति है जो ग़ाज़ा पर किया गया और उसी आक्रमण की भाति है जिसको फ़िलिस्तीनी जनता दसियों साल से झेल रही है।

उन्होंने यमन युद्ध का शिकार बनने वालों का आंकड़ा बयान करते हुए कहा कि अब तक 32000 लोग घायल या मारे गए हैं और चार लाख से अधिक घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं और यमन के लोग इस समय फ़िलिस्तीन की जनता की तरह नाकेबंदी झेल रहे हैं, और इस समय उन तक किसी भी प्रकार का खाना पानी, दवा या कोई मानवीय सहायता नहीं पहुँच पा रही है, लेकिन अफसोस है कि हम यमन और फ़िलिस्तीन के मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चुप पाते हैं।

उन्होंने कहाः यमन की जनता और तमाम अरब जनता अब भी फिलिस्तीन के मामले को प्राथमिक्ता में रखते हैं। और अगरचे यमन के लोग बहुत सी समस्याएं झेल रहे हैं और इस समय अमरीकी सऊदी अरब गठबंधन की बमबारी के साए में जी रहे हैं लेकिन वह सदैव फ़िलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाते हैं।

उन्होंने इस सम्मेलन को आयोजित करने वालों का धन्यावाद किया और तमाम यमन के लोगों की तरफ़ से फ़िलिस्तीन की प्रतिरोधी जनता की प्रशंसा और धन्यवाद किया।