Home मिडिल ईस्ट फ्रांसीसी पत्रिका ने बताया इसराइल को नकली देश

फ्रांसीसी पत्रिका ने बताया इसराइल को नकली देश

फ्रांसीसी पत्रिका यॉपी द्वारा जनवरी के अपने संस्करण में इस्राईल को एक नक़ली देश बताने के मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया है।

कहा जा रहा है कि विवाद के बाद अब यह पत्रिका जनवरी के अपने संस्करण को वापस लेने जा रही है।

दर असल, पांच से आठ वर्ष के बच्चों के लिए प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका ने सामान्य ज्ञान पर आधारित एक कार्ड गेम छापा था, इनमें से एक कार्ड पर इस्राईल को नक़ली देश के तौर पर दर्शाया गया था।

वास्तव में 1947 से पूर्व इस्राईल नाम का कोई देश ज़मीन पर नहीं था, 1948 में फ़िलिस्तीनियों की ज़मीन हड़पकर चरमपंथी यहूदी संगठनों ने एक अवैध एवं नक़ली देश इस्राईल की नींव रखी, जिसे आज तक अधिकांश इस्लामी देशों ने मान्यता नहीं दी है।

पत्रिका के एक कार्ड पर लिखा है, “197: हम विश्व के इन 197 राष्ट्रों को देश कहते हैं, जैसे कि फ़्रांस, जर्मनी और अल्जीरिया। दुनिया में इनके अलावा भी कुछ देश हैं, लेकिन विश्व के समस्त देश उन्हें वास्तविक देश नहीं मानते हैं, जैसे कि इस्राईल और उत्तर कोरिया।”

फ़्रांस में इस्राईल के राजदूत ने बच्चों को यह सच्चाई बताने की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इससे ज़ायोनियों के ख़िलाफ़ नफ़रत पैदा में वृद्धि होगी।

ज़ायोनी और ज़ायोनी शासन के अधिकारी फ़्रांसीसी पत्रिका का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

फ़्रांसीसी पत्रिका ने उत्तर कोरिया को भी इस्राईल की श्रेणी में रखा है, जबकि उत्तर कोरिया एक आज़ाद देश है, हालांकि फ़्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया को राज्य का दर्जा नहीं देते हैं।