Home मिडिल ईस्ट एर्दोगान: कब्र में आपका ‘दीन’ पूछा जाएगा ना की फ़िरका

एर्दोगान: कब्र में आपका ‘दीन’ पूछा जाएगा ना की फ़िरका

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इसतांबुल –  तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यब एर्दोगान ने मुस्लिम समाज में फैली हुई सबसे बड़ी बीमारी मसलकी ‘फ़िरक़ा परस्ती’ और ‘बिरादरीवाद’ पर निशाना साधते हुए  कहा कि समाज को फिरकापरस्ती की वजह से सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाया जा रहा है. एर्दोगान मुद्दे अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की और इस मुद्दे विकास के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बताया.

एर्दोगान ने कहा कि जब एक बार मैंने अपने मरहूम पिता से पूछा था कि बाबा हमारे पूर्वज तुर्की में लाज़िब नस्ल से हैं या तुर्की नस्ल से हैं. जब जवाब में बाबा ने कहा था कि ऐ मेरे बेटे यही सवाल मैंनें अपने पिता से किया था कि हमारी नस्ल क्या है? जिसके जवाब मैं मेरे पिता ने जवाब दिया था. कल जब हम मरने के बाद अल्लाह के सामने पहुँचोगे तो अल्लाह हमसे यह पूछेगे कि हमारा दीन क्या है? हमारा नबी कौन है? उस वक़्त हमसे हमारी बिरादरी या नस्ल के बारे में नहीं पुछा जाएगा.

एर्दोगान ने आगे कहा कि, अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है मैं मुसलमान हूं और यही मेरी सबसे बड़ी पहचान है, आज सारी दुनिया में मुसलमानों को बहुत से खतरों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें सबसे ख़तरनाक तीन बातें हैं सबसे पहली है ‘फिरका परस्ती’, दूसरी है नस्ल परस्ती और तीसरी है आतंकवाद. इन तीनों ही चीज़ों का दुनिया से खात्मा करना बहुत ज्यादा ज़रूरी है वरना यह हमें बहुत नुक्सान पहुंचाएगा.

एर्दोगान की यह बातें दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अब तक का सबसे बड़ा सन्देश है. उन्होंने कहा आज मुसलमान पूरी दुनिया में पिछड़ा हुआ है कई तरह की परेशानियों का सामने कर रहा है जिसकी वजह आतंकवाद, फिरकापरस्ती और नस्लपरस्ती है. आजकल हर इलाके में लोग बिरादरी के लिए लड़ते नज़र आ रहे है. कोई शिया है तो कोई सुन्नी है और दोनों आपस में लड़ रहे है. इन्हें ज़रा कोई यह बता दो की तुम शिया-सुन्नी नहीं मुसलमान हो.

आपको बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यब एर्दोगान पूरी दुनिया के मुस्लिम मुद्दे को उठाते है उनकी मदद के लिए हमेशा ही आगे आयें है. येरुशलम मुद्दे को भी एर्दोगान ही UN में लेकर गये थे. तुर्की को इस्लामिक देशो में सबसे ज्यादा सैन्य ताकत वाला देश माना जाता है.