Home मिडिल ईस्ट अम्मान देगा येरुशलम की मस्जिदों और चर्चों पर ख़ास ध्यान: जॉर्डन किंग

अम्मान देगा येरुशलम की मस्जिदों और चर्चों पर ख़ास ध्यान: जॉर्डन किंग

किंग अब्दुल्लाह द्वितीय बिन अल-हुसैन, जॉर्डन के किंग, इजराइल के कब्जे वाले शहर येरूशलम में इस्लामिक और ईसाई पवित्र स्थलों की हाशिमित ट्रस्टीशिप के तहत पवित्र स्थलों के संरक्षण में एक भूमिका निभाते हुए अपने देश के आग्रह को दोहराया.

रॉयल जॉर्डन अदालत अनाडोलू न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, किंग का यह बयान रविवार को राजधानी अम्मान में अल हुसैनिया पैलेस में स्कॉटिश चर्च, आर्कबिशप डेरेक ब्राउनिंग के प्रमुख के साथ उनकी बैठक के दौरान आया था.

जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय बिन अल-हुसैन और स्कॉटिश चर्च के प्रमुख, आर्कबिशप डेरेक ब्राउनिंग ने “विभिन्न धर्मों के बीच बातचीत को और अधिक गहन करने और सहिष्णुता और सह-अस्तित्व के मूल्यों की वकालत करने के महत्व पर ज़ोर दिया.” साथ ही मस्जिद अल अक्सा में मरम्मत के काम को पूरा करने पर भी ज़ोर दिया.

किंग अब्दुल्लाह ने जोर दिया कि “अम्मान यरूशलेम में मुस्लिम और ईसाई पवित्र स्थलों पर ध्यान देगा.”

इससे पहले भी, जोर्डन-आधारित अथॉरिटी फॉर इस्लामी एंडॉमेंट्स (औकाफ़) ने एक बयान में कहा  था कि, इजरायल के अधिकारियों ने जानबूझ कर येरुशलम की प्रतिष्ठित डोम ऑफ द रॉक मस्जिद को अँधेरे में धकेल रहा है.

उन्होंने यह भी कहा था कि, “इजरायली कब्जे के अधिकारियों ने मस्जिद के परिसर में ज़रूरत की चीज़ों को मस्जिद में लाने की इजाज़त नहीं दे रहा है , इसलिए हम मस्जिद की बिजली को ठीक नहीं कर पा रहे है.” इजरायली पुलिस जॉर्डन द्वारा ली गयी पहल को रोकने का काम कर रही है. जॉर्डन यह पहल येरुशलम की सबसे पवित्र मस्जिद-अल-अक्सा और इसके अंदर डोम ऑफ द रॉक(क़ुब्बत अल सखरा) को बचाने के लिए कर रहा है.

मुसलमानों के लिए मस्जिद-अल-अक्सा को मक्का, मदीना के बाद दुनिया का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है. यहूदी इसे अपना “मंदिर पर्वत” कहते है और दावा करते है यह पुराने ज़माने में दो यहूदी मंदिरों का स्थल था.