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इस गाँव में रहती हैं केवल महिलाएं, पुरुषो को नहीं है आने की इजाज़त, तस्वीरें देखें

सौजन्य से-अल अरबिया

पुरुष और महिला समाज का दो अहम् हिस्सा हैं, दोनों एक ही सिक्के के पहलु होते हैं, दोनों के बिना कोई गाँव, शहर अच्छा नहीं लगता, परन्तु मिस्र देश में एक ऐसा गाँव है जहां पुरुषों को आने की इजाजत नहीं दी जाती है, यह एकल महिला गाँव हगें, यहाँ बस महिलाओं को ही रहने की इजाज़त है.

अल समाहा मिस्र का एक छोटा सा गाँव है, जहाँ वर्तमान में 303 महिलाएं रह रही हैं, इस गाँव में पुरुष निषिद्ध हैं और अगर कोई महिला शादी करना चाहती है तो उसे यह गाँव छोड़ने के लिए बोल दिया जाता है, यह एड्फु शहर में बसा हुआ एक गाँव है, जो की साउथर्न सिटी असवान से 120 किमी की दूरी पर है.

इस गांव को सरकार द्वारा विधवाओं और तलाकशुदाओं को समर्पित किया गया है और महिलाओं को यहाँ प्लाट और कृषि भूमि भी प्रदान की गयी हैं ताकि वह अपनी रोजी रोटी के लिए याह पोल्ट्री और पशुधन को कमाई का एक साधन बना सकें.

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गांव के पर्यवेक्षक, हामिदी अल-काशीफ कहते हैं की “गांव परियोजना 1998 में शुरू हुई जब कृषि मंत्रालय ने तलाकशुदा महिलाओं और विधवाओं को केवल दो नए गांवों को आवंटित करने का निर्णय लिया”.

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उन्होंने इस बात की पुष्टि की “महिला केवल अपने बच्चों के साथ रहती हैं, बिना किसी पुरुष के, परियोजना के संस्थापकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा सहायता के अलावा हर परिवार को एक घर और छह एकड़ का भूखंड भी दिया गया.

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अल अरेबिया की खबरों के अनुसार, महिलाओं को फर्नीचर और कृषि प्रदान की गयी और उन्हें कई अल्पकालिक ऋण प्रदान किए जाते हैं. गांव में एक-मंजिला मकानों को सरकार द्वारा आर्थिक रूप से सब्सिडी दी गई है, जिससे कि उन्हें किश्तों में चुकाने की इजाज़त मिल जाए, जब महिलाएं शादी करती हैं, तो ज़मीन और घर वापस ले लिए जाते हैं.

परियोजना का लक्ष्य उन लोगों के भविष्य को संरक्षित करना है, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है, और उन महिलाओं का समर्थन करने में सहायता के लिए जो अब अपने बच्चों के लिए एकमात्र रोटी का साधन बन गयी हैं.

सौजन्य से-अल अरबिया