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तुर्की के प्रयास से रोहिंग्या बच्चों के चेहरे पर आई ख़ुशी, बनाया खेल का मैदान

बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनो से रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए तुर्किश चैरिटी किसी ना किसी माध्यम से मदद कर रही है, तुर्की सहयोग और समन्वय एजेंसी(Turkish Cooperation and Coordination Agency (TİKA) ने बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल का मैदान व रसोई घर बनाया.

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक बांग्लादेश में शरण लेने वाली रोहिंग्या लोगों की संख्या में 6,26,000 तक हो चुकी है. जिसमें से 55 प्रतिशत बच्चे हैं. रोहिंग्या मुसलमानों के लिए भोजन, स्वास्थ्य सेवा, आश्रय और नई सुविधाएं प्रदान करते समय, टीआईकेए ने भी शिविर के सबसे युवा निवासियों के लिए परियोजनाएं विकसित की हैं, कॉक्स बाज़ार प्रांत में शरणार्थियों के लिए एकमात्र खेल का मैदान बनाया गया है.

इस  मैदान में झूले लगाये गए ताकि बच्चे खुश हो सके, बांग्लादेश में तुर्की सहयोग और समन्वय एजेंसी के सहायक समन्वय अनाडोलू एजेंसी (एए) से बात करते हुए, सीहान दनेसर ने कहा कि “उन्होंने अगस्त में बांग्लादेश पहूंचकर सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को तुरंत खाद्य पदार्थो की आपूर्ति करना शुरू किया था परन्तु बाद में उन्हें अहसास हुआ की शरणार्थी कैंप में अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं, उन्होंने कहा की बच्चों की मासूमियत देखकर हम उनके लिए कुछ करना चाहते थे तो हमने एक खाली जगह ढूँढकर बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाने की सोची”, उन्होंने कहा की बांग्लादेश में हमने एक वास्तुकार की मदद से यहाँ पार्क बनाया, जब भी बच्चे मुस्कुराते हैं तो ऐसा लगता है की हम मुस्कुरा रहे हों, अब बच्चे बहुत खुश हैं,उन्होंने बताया की यह मैदान इन बच्चों के मनोरंजन का एक मात्र सहारा है.

उन्होंने यह भी कहा की “हम इन छोटे छोटे मासूम बच्चो को देखते हैं, इन 5 साल के बच्चों पर जिम्मेदारियां रहती हैं, इनका परिवार इनसे उम्मीद करता है की ये मांस और चावल लेकर आये.

उन्होंने कहा की इस वजह से ये खेल का मैदान एकमात्र सहारा है की पुरे दिन की थकान को यह बच्चे इस मनोरंजन के एक मात्र केंद्र से मिटा सकते हैं”
टीआईकेएए ने खेल के मैदान को यूनिसेफ में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। जल्द ही हस्ताक्षरित होने वाले समझौता ज्ञापन के साथ स्थानांतरण की उम्मीद है। यह भी संकेत दिया गया है कि यूनिसेफ के अधिकारियों को वास्तव में खेल का मैदान पसंद आया.

TİKA ने शिविर वासियों के लिए सबसे बड़ा रसोई घर बनाया 

TİKA ने अगस्त के अंत में पहूंचकर रोहिंग्या वासियों की सबसे ज्यादा सहायता की है, विशेषकर रसोई घर बनाकर. हर रोज लगभग 25,000 लोगों के पांच या छह हजार परिवारों के लिए गर्म भोजन प्रदान करना, यह रसोई घर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा रसोई घर है, TİKA के शेफ तारिक अक्सू ने कहा कि उन्होंने मांस, चिकन और चावल पकाने की सेवा की है, वह कहते हैं की “इस खाने से हर कोई संतुष्ट है.

उन्होंने यह भी कहा की “म्यांमार के बौद्ध बहुमत यह मानते हैं कि रोहिंग्या मुस्लिम एक अलग जातीय समूह हैं और उन्हें अवैध आप्रवासियों के रूप में मानते हैं। रोइंगयाज राज्यविहीन मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, जिन्होंने म्यांमार में लंबे समय से ज़ुल्म का सामना किया है, जो उन्हें बांग्लादेश से अवैध आप्रवासियों के रूप में मानते हैं.

 

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