Home एशिया भारत- शिक्षकों ने 88 छात्राओं को कपड़ें उतारने की सजा दी

भारत- शिक्षकों ने 88 छात्राओं को कपड़ें उतारने की सजा दी

एक शिक्षक को माँ के बाद इस धरती में सबसे बड़ा दर्जा दिया गया है, एक शिक्षक जो अपने छात्रों को अच्छे मार्ग पर चलना सिखाता है, परन्तु भारत के अरुणाचल में एक विद्यालय का एक मामला सामने आया है, जिसमे शिक्षकों ने सारी हदें पार कर दी.

अरुणांचल प्रदेश के पापुम पारे जिला में तनी हप्पा (न्यू सागली) स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां विद्यालय के तीन शिक्षकों ने सातवीं और आठवीं कक्षा के 88 छात्रों को कपडे उतारने के लिए मजबूर किया और कहा की यह उनकी सजा है.

क्या था मामला

दरअसल विद्यालय की एक छात्रा ने अपने स्कूल के विद्यालय के प्रिंसिपल के खिलाफ एक कागज में कुछ अपशब्द कहे, जिस वजह से विद्यालय के दो सीनियर शिक्षक व एक जूनियर शिक्षक ने सातवीं और आठवीं की छात्राओं को कपडे उतारने की सजा दी.

यह मामला 27 नवम्बर का है, पीड़ित छात्राओं ने बाद में छात्र ग्रुप एएसयूयू से सम्पर्क किया जिसके बाद पुलिस में इस मामले की रिपोर्ट लिखाई गई. जिले के पुलिस अधीक्षक तुम्मे अमो ने इस मामले की पूरी पुष्टि कर यह रिपोर्ट ईटानगर स्थित महिला पुलिस स्टेशन को भेज दी.

उन्होंने कहा की “महिला पुलिस स्टेशन में छात्रों के माता पिता और शिक्षको को साथ में बैठाकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी. APPDSU अधिकारी ने कहा की स्कूल अधिकारियों ने दंड देने से पहले छात्रों के माता-पिता से बात नहीं की”

अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने इस घटना की निंदा की है और कहा है “कि शिक्षकों द्वारा इस तरह की हरकत छात्रों क ओप्रभावित करती है. और कहा की यह कानून के खिलाफ है, एक छात्र अनुशासन के लिए एक रवैया, चरित्र, जिम्मेदारी और एक शिक्षक की प्रतिबद्धता है”

यह कोई सुधारात्मक कार्य नहीं है.