Home एशिया मंदिर का तालाब सूखने पर पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट भड़का

मंदिर का तालाब सूखने पर पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट भड़का

source: Samaa TV

इस्लामाबाद- पाकिस्तान के काटस राज मंदिर में बने तालाब के सूखने पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सीमेंट फैक्ट्रियों को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने फैक्ट्री संचालक को अल्टीमेटम देते एक हफ्ते के अंदर तालाब में पानी भरने के  आदेश दिए है. पाकिस्तान का हिंदू समुदाय इस मंदिर को बेहद पवित्र मानता है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर कड़ी सुनवाई की है.

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, काटस राज मंदिर के आसपास कई सारी सीमेंट फैक्ट्रियां है जिसकी वजह से भूजल का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. इसकी वजह से आसपास के लोगों को भी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. काटस राज मंदिर में बने तालाब भी इसका काफी बुरा असर पड़ा है,  और तभी से ही तालाब का जलस्तर लगातार गिरने पर ही है.

पाकिस्तान मीडिया की खबरों के मुताबिक, सीमेंट फैक्ट्रियों ने कई बोरवेल लगा रखे हैं. इसकी वजह से भूजल स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गयी है. यही नहीं आस-पास के लोगों को अपने घरों में पानी की किल्लत हो रही है, आस-पास के लोगों की परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सख्त फैसला लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू करते हुए कंपनी को तालाब में पानी भरने के आदेश दिए है. वहीँ सुनावाई के दौरान  बेस्टवे सीमेंट के वकील बाबर सत्तार के मामले पर चुप्पी साधने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की.

मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने पंजाब प्रांत के सरकार से भी जवाब की मांग की है.  वहीँ जजों ने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर इन सभी सीमेंट फैक्ट्रियों को इस इलाके में खोलने  मंजूरी किस अधार पर दी गई थी.

अभियोजन पक्ष ने कहा कि सीमेंट फैक्ट्रियों के चलते आस-पास काफी प्रदुषण बढ़ रहा है, जिसकी वजह कई तरह की बीमारियों को न्योता मिल रहा है, जिनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इसी के साथ लोगों  सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालकर फैक्ट्री लगाने की मंजूरी कभी नहीं दी जा सकती है.