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नेतान्याहू की यात्रा से पहले दिल्ली में फूंका गया इस्राइली पीएम का पुतला

आज इस्राइली पीएम नेतान्याहू भारत की यात्रा पर है लेकिन उनकी विजिट से एक दिन पहले दिल्ली में उनका पुतला फूंके जाने की ख़बरें सामने आ रही है. मजलिसे ओलमाए हिन्द की ओर से आयोजित इस विशाल विरोध-प्रदर्शन में शिया-सुन्नी मुसलमानों के साथ-साथ दूसरे धर्मों के शांतिप्रिय लोगों ने भी भाग लिया।

सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू की प्रस्तावित भारत यात्रा के विरोध में जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे लोग यह मांग कर रहे थे कि भारत सरकार फ़िलिस्तीन की अत्याचारग्रस्त जनता के समर्थन में अत्याचारी ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के कार्यक्रम को रद्द करे।

मजलिसे ओलमाए हिन्द द्वारा इस विरोध-प्रदर्शन में धार्मिक, सामाजिक एवं मानवाधिकार के लिए काम करने वाले संगठनों के कार्यक्रताओं ने भाग लिया और निर्दोष फ़िलिस्तीनियों पर ज़ायोनी शासन के अत्याचारों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए फ़िलिस्तीनी जनता के प्रति एकजुटता की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने इस्राईल मुर्दाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और फ़िलिस्तीन ज़िन्दाबाद के नारे लगाए और फ़िलिस्तीन की आज़ादी की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल मजलिसे ओलमाए हिन्द दिल्ली के सचिव मौलाना जलाल ने कहा कि ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू रविवार को भारत आ रहे हैं और हम उनकी भारत यात्रा का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह महात्मा गांधी का देश है यहां फ़िलिस्तीन से मुहब्बत करने वाले रहते हैं और ज़ायोनी शासन एक अतिग्रणकारी शासन है और नेतनयाहू एक हत्यारा है। मौलाना जलाल ने कहा कि हमारे महान देश, शांति प्रिय देश और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की धरती पर इस्राईल के प्रधानमंत्री का आना हम सबका अपमान है।

उन्होंने कहा कि क्योंकि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अमन का संदेश दिया है और इस्राईल ने हमेशा दुनिया भर में आतंकवाद फैलाया है और फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता का ख़ून बहाया है।प्रदर्शन में शामिल मजलिसे ओलमाए हिन्द दिल्ली के सचिव मौलाना जलाल ने पार्स टुडे हिन्दी से बात करते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू रविवार को भारत आ रहे हैं और हम उनकी भारत यात्रा का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह महात्मा गांधी का देश है यहां फ़िलिस्तीन से मुहब्बत करने वाले रहते हैं और ज़ायोनी शासन एक अतिग्रणकारी शासन है और नेतनयाहू एक हत्यारा है।

मौलाना जलाल ने कहा कि हमारे महान देश, शांति प्रिय देश और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की धरती पर इस्राईल के प्रधानमंत्री का आना हम सबका अपमान है। उन्होंने कहा कि क्योंकि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अमन का संदेश दिया है और इस्राईल ने हमेशा दुनिया भर में आतंकवाद फैलाया है और फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता का ख़ून बहाया है।

प्रदर्शन में शामिल दूसरे धर्मगुरूओं और विद्वानों ने कहा कि भारत ने हमेशा फ़िलिस्तीन का समर्थन किया है और उसे अपने इस रुख़ से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने ऐसे प्लेकार्ड उठा रखे थे जिसपर “मज़लूम फ़िलिस्तीनियों हम तुम्हारे साथ हैं” “मुसलमानों के पहले क़िब्ले बैतुल मुक़द्दस को आज़ाद करो” “निर्दोष फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार बंद करो” जैसे नारे लिखे थे।

प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू का पुतला भी फूंका और साथ ही भारत सरकार से मांग की कि वह फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपना पुराना संबंध बाक़ी रखते हुए इस्राईल से अपने कूटनीतिक संबंध समाप्त करे।