Home एशिया पाकिस्तानियों ने की 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने वालों को ‘फांसी’...

पाकिस्तानियों ने की 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने वालों को ‘फांसी’ देने की मांग

source: Arab News

इस्लामाबाद: पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हफ्ते की मांग है कि सीरियल किलर इमरान अली को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका देना चाहए. इसी के साथ पाकिस्तान के कानून के एक खंड में संशोधन पर भी बहस हुई.

पूरे देश में गुस्सा प्रदर्शनकारियों ने शरीफ की मांग को लागू करने के लिए दबाव डाला है. संशोधन का समर्थन करने वालों का दावा है कि निष्पादन के खतरे में बाल बलात्कारियों और हत्याओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी. बुधवार को, आंतरिक और नारकोटिक्स कंट्रोल पर सीनेट स्थायी समिति के अध्यक्ष सेन रेहमान मलिक ने अपने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 2018 को पेश किया, जिसे उनकी समिति ने पारित(पास) किया था.

सीनेट को अब प्रस्तावित बिल पास करने के लिए कहा गया है, जो 14 साल से कम उम्र के बच्चों के अपहरण या बलात्कार के दोषी व्यक्तियों के लिए “सार्वजनिक फांसी” को शामिल करने के लिए पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 364-ए में संशोधन किया जाना चाहए.

“यह पाकिस्तान के लोगों की दबावी मांग है, “रेहमान ने कहा कि सीनेट ने संशोधन को अपनाने की अपील की, जिसे सीनेट के अध्यक्ष रज़ा रब्बानी द्वारा परीक्षा के लिए कानून, आंतरिक और मानव अधिकार समितियों को भेजा जाएगा. वर्तमान क़ानून 14 साल से कम उम्र के बच्चों के अपहरण और बलात्कार को दंडित करता है. इसके लिए फांसी, आजीवन कारावास या सक्त कारावास को चौदह साल तक बढाया जाएगा और यह सज़ा सात साल से कम नहीं होनी चाहए.”

सेन. फारहतुल्लाह बाबर ने प्रस्तावित संशोधन का जमकर किया उन्होंने कहा कि यह अगर कानून पास हो जाता है और अपराधी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गयी तो यह “समाज को क्रूरता फैलाएगा.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, बाबर ने शुक्रवार को कहा, “संसद संशोधन करने में शामिल क्यों हो रहा  है?” इसके लिए कानून न बनाये अगर जेल मैनुअल विशिष्ट मामलों में सार्वजनिक फांसी देने की इजाज़त देता है, तो इसके साथ आगे बढ़ें, क्योंकि अगर आप इस तरह के अपराध के लिए कानून बनाते हैं, तो कल अन्य अपराध कानूनों की मांग की जाएगी.”

जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के उपमुख्यमंत्री डॉ. फरीद पराचा ने क़ुरान और इस्लाम की शिक्षाओं को बताया और बिल के समर्थन मे आवाज़ उठाई.