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फिलिपीन्स में आइएसआइएस आतंकवादी और सरकार के बीच छिड़ी खुली जंग, इमरजेंसी लगायी गयी

आइएसआइएस से जुड़े आतंकियों ने फिलीपीन्स में जंग छेड़ दी है. इसके कारण हुई हिंसा की अलग-अलग वारदातों में अब तक कम से कम 21 लोग मारे जा चुके हैं. आतंकियों ने दक्षिणी फिलीपीन्स के मुस्लिम बहुल मिंडनाओ प्रांत के मारावी शहर में एक पुलिस प्रमुख का गला काट दिया. इसके बाद आतंकियों ने कई इमारतें भी जला दीं. उन्होंने चर्च के एक पादरी और वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों को भी अपने कब्जे में ले लिया. इन आतंकवादियों ने यहां आइएसआइएस का झंडा फहरा दिया है. इन परिस्थितियों के मद्देनजर पूरे मिंडनाओ प्रांत में इमर्जेंसी लागू कर दी गई है.

राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते ने मिंडनाओ में मार्शल लॉ लागू कर दिया है. दुर्तेते ने चेतावनी दी है कि वह पूरे देश में आपातकाल लागू कर सकते हैं. राष्ट्रपति दुर्तेते रूस की यात्रा पर थे, लेकिन हिंसा की जानकारी मिलने पर वह दौरा बीच में ही रद्द कर वापस मनीला पहुंच गए हैं. एक संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा की देश आपातकालीन स्थिति में है. मिंडनाओ में बहुत गंभीर हालात पैदा हो गए हैं.

यहां हर जगह आइएसआइएस के निशान दिख रहे हैं. उन्होंने मिंडनाओ प्रांत में अगले 60 दिनों के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है. यहां की आबादी करीब 2 करोड़ 20 लाख है. आतंकियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा की यदि आतंकी नहीं मानते हैं तो उन्हें मरना ही होगा. हालांकि दुर्तेते ने यह भी कहा कि कानून का पालन करने वाले निर्दोष नागरिकों को डरने की कोई जरूरत नहीं.

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, संघर्ष में अभी तक कम से कम 21 लोग मारे जा चुके हैं. मरावी में हुई घटना की जानकारी बाहर आने के बाद यह आशंका पैदा हो गई है कि इराक और सीरिया से आगे बढ़कर दुनिया के जिन देशों में आइएसआइएस तेजी से अपने पैर पसार रहा है, उनमें अब फिलीपीन्स भी शामिल हो गया है. मालूम हो कि फिलीपीन्स एशिया का सबसे बड़ा रोमन कैथलिक देश है.

यह हिंसा मंगलवार को शुरू हुई. सेना को अबू सयाफ नाम के एक आतंकवादी संगठन के कमांडर इसनिलोन हापिलोन के ठिकाने की जानकारी मिली थी. खबर थी कि इसनिलोन इस जगह पर छुपा हुआ है. अबू सयाफ संगठन खुद को आइएसआइएस का एक धड़ा बताता है. अमेरिका के मोस्ट-वॉन्टेड आतंकियों की सूची में इसनिलोन का भी नाम शामिल है. अमेरिका ने उसपर साढ़े 32 करोड़ रुपये का इनाम रखा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, सेना द्वारा छापा मारने के बाद आतंकियों ने बाहर से मदद बुलाई और 100 के करीब बंदूकधारी आतंकवादी मारावी में घुस गए.