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अफगानिस्तान में अपनी असफलता के लिए अमेरिका पाकिस्तान को बलि का बकरा बना रहा है : ख्वाजा आसिफ

सैन्य मदद रोकने और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाई गई फटकार के बाद वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी का दौर जारी है।

अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ट्रंप का इस्लामाबाद के खिलाफ हालिया बयान दिखाता है कि वह भारत की जुबान में बात कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित संसदीय समिति को संबोधित करते हुए आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान में अपनी असफलता के लिए अमेरिका पाकिस्तान को बलि का बकरा बना रहा है।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने 33 अरब डॉलर की मदद के बदले में झूठ और छल के अलावा कुछ नहीं दिया है। आसिफ ने कहा, ‘ट्रंप भारत की जुबान में बोल रहे हैं। अमेरिकी नेताओं का बयान तथ्यों से उलट है।’ नैशनल असेंबली के अध्यक्ष अयाज सादिक ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि अमेरिका के बयान पर संतुलित प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका से बातचीत के दौरान देश की प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा कि कमिटी ने तय किया है कि सुरक्षा एजेंसी की ब्रीफिंग के बाद अगले सप्ताह अगली बैठक की जाएगी। इस बैठक में रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी स्टेट सेक्रटरी रेक्स टिलरसन और डिफेंस सेक्रटरी जेम्स मैटिस ने पाकिस्तान का दौरा किया था, उन्होंने कूटनीति के तहत अपनी राय जाहिर की थी और बातचीत में धमकी और अपमान नहीं था।

दस्तगीर ने कहा, ‘लेकिन ट्रंप के ट्वीट और उनके पहले उपराष्ट्रपति माइक पेंस के ‘अफगानिस्तान मसले पर पाकिस्तान को नोटिस’ पर रखे जाने वाले बयान में यह जाहिर हो रहा है। हमें समग्र रूप से इस स्थिति की समीक्षा की जरूरत है।’ उन्होंने कहा, ‘सवाल यह है कि क्या अमेरिका ऐसी स्थिति पैदा कर देगा जिससे पाकिस्तान को नुकसान हो। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा, लेकिन साथ ही अमेरिका से बातचीत जारी रखनी होगी।
ट्रंप के आरोपों के बाद पाकिस्तान की तरफ से रोज कोई न कोई बयान सामने आ रहा है। कभी ट्रंप को अफगान-सोवियत युद्ध की याद दिलाई जा रही है तो कभी अफगानिस्तान के खिलाफ अभियान में पाक नागरिकों की मौत के आंकड़े गिनाए जा रहे हैं।

इससे पहले विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक भावुक ट्वीट कर अमेरिका को घेरने की कोशिश की। आसिफ ने लिखा, ‘आपने पूछा कि हमने क्या किया? हमारे ठिकानों से आपने अफगानिस्तान पर 57,800 हमले किए…आपके शुरू किए युद्ध में हमारे हजारों नागरिकों और सैनिकों की जान गई।’ आसिफ ने कहा, ‘हमारी सेनाएं एक असामान्य युद्ध से लड़ रही हैं, हमारे बलिदानों की एक अनन्त गाथा है।
इधर, ट्रंप प्रशासन द्वारा अगले 24 से 48 घंटों के भीतर आतंकियों को समर्थन देने की सजा के तौर पर इस्लामाबाद के खिलाफ कुछ बड़े और कठोर कदम उठाने की संभावना के बीच पाकिस्तान की फौज ने भी प्रतिक्रिया दी है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक बयान में कहा, ‘अगर अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई ऐक्शन लिया तो पाकिस्तान की जनता की इच्छा के अनुसार जवाब दिया जाएगा।’