Home अरब देश सऊदी-क़तर मसले के बीच वहाबियत और मुस्लिम ब्रदरहुड

सऊदी-क़तर मसले के बीच वहाबियत और मुस्लिम ब्रदरहुड

रगद अलनूर ने नुजूम मिसरिया साइट पर एक कॉलम में लिखा है: मुस्लिम ब्रदरहुड और वहाबियत की तुलना इस्लामी दुनिया में बहुत खास है, इस्लामी जनमत से पता चलता है कि मुसलमानों की मानसिकता मुस्लिम ब्रदरहुड के बारे में अच्छी है लकिन वह वहाबियत को बुरा समझते हैं ।

मुस्लिम ब्रदरहुड एक जड़ों वाली मानसिकता है जो अहले सुन्नत में प्रचलित हो गई है पर वहाबियत डॉलर मदद पैदा की गई है।

सुन्नी तीन समूहों यानी वहाबी, मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष में बंट गए हैं, मुस्लिम ब्रदरहुड वहाबियत और धर्मनिरपेक्षता के बीच का नाम है, हालांकि कुछ ब्रदरहुड ने सऊदी डॉलर प्राप्त करने के लिए उग्रवाद का प्रदर्शन भी किया है।

आज कहा जा सकता है कि अहले सुन्नत दो समूहों में विभाजित हैं, एक कतर और तुर्की और दूसरा मुस्लिम ब्रदरहुड, जो कि विभिन्न देशों में हैं, और उसके मुकाबले में में अमीरात, सऊदी और बहरीन हैं, जो वहाबी विचारधारा रखते हैं।

कतर और सऊदी के बीच जारी तनाव भी इसी विचारधारा की लड़ाई है, जैसा कि सबको पता है कि सऊदी अरब और अमीरात के दाइश से संबंध हैं तो कतर और तुर्की के मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ संबंध होने के लिए किसी और तर्क की जरूरत नहीं है।