Home अरब देश ट्रम्प के फैसले ने मुसलमानों को एकजुट कर दिया- ईरानी राष्ट्रपति

ट्रम्प के फैसले ने मुसलमानों को एकजुट कर दिया- ईरानी राष्ट्रपति

इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलिस्तीन स्थित यरूशलम को इजरायल की राजधानानी के रूप में मान्यता दे दी थी, उनके इस इस फैसले के इस्लामिक जगत में गहरी नाराजगी है। अब ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ट्रंप के फैसले के बाद मुस्लिम जगत एक जुट हुआ है, और आपसी मतभेद को किनारा कर के इस फैसले के खिलाफ अपनी राय जाहिर कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बैतुल मुकद्दस को इजरायल की राजधानी के रूप मे मान्यता देकर मुस्लिम जगत को एक जुट कर दिया है। उन्होंने ये बातें बीते मंगलवार को कहीं उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंकवाद की समस्या के कारण बैतुल मुक़द्दस किसी हद तक दूसरे दर्जे पर चला गया था मगर अब वह फिर पहला मुद्दा बन गया है।

डॉक्टर रूहानी ने कहा कि आज मैं यहूदी शासन के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीन की जनता के नए इंतेफ़ाज़ा (प्रतिरोध) आंदोलन का दृश्य देख रहे हैं। उधर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने कहा कि अमरीका को अपने इस फ़ैसले का ख़मियाज़ा भुगतना पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये बातें बहराम क़ासेमी ने अलआलम टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहीं उन्होंने कहा क कि ट्रंप ने अपने फ़ैसले से साबित कर दिया कि इस देश के अधिकारियों को क्षेत्र की परिस्थितियों की सही जानकारी नहीं है लिहाजा वह अपनी पुरानी ग़लतियां दोहरा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह अरब जगत की कमज़ोरी का नतीजा है कि ट्रंप ने इस फ़ैसला लेने का दुस्साहस किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों ने अपने हितों को अमरीका और यहूदी शासन के हितों से जोड़ लिया है। कासोमी ने कहा कि ईरान तो फ़िलिस्तीन की जनता का समर्थन करता था और करता रहेगा और इस्लामी प्रतिरोध मोर्चा ज़ायोनी शासन के सपने पूरे नहीं होने देगा।