Home अरब देश थेरेसा मई की सऊदी अरब की यात्रा का है बड़ा राजनीतिक मकसद

थेरेसा मई की सऊदी अरब की यात्रा का है बड़ा राजनीतिक मकसद

निक क्लेग ने कहा है कि थेरेसा में (Theresa May ) की सऊदी अरब यात्रा का असली मक़सद ईरान इराक़ के चुनाव और सीरिया, यमन एवं बहरीन के संकट पर वार्ता करना है।
ब्रिटेन के पूर्व उपप्रधानमंत्री नेक क्लेग ने कहा है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा में की सऊदी अरब यात्रा का मक़सद आर्थिक और रक्षा दावों से हट कर राजनीतिक होगा जैसे मध्यपूर्व जैसे ईरान इराक़ के चुनाव, यमन बहरीन और सीरिया का संकट आदि।
ब्रिटेन की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व नेता ने इंडिपेंडेंट पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में थेरेस की सऊदी अरब यात्रा को इस शासन की “धुन पर नाच” बताया जिसके माध्यम से यह देश इराक़, सीरिया, यमन और बहरीन में अपने राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा कर सके।
उन्होंने कहाः इराक़ के आने वाले युनावों में विशिष्ट उम्मीदवारों का समर्थन करके ईरान के समर्थन वाले शिया गुटों को कमज़ोर करना, थेरेसा और सऊदी अधिकारियों के बीच होने वाली वार्ता का एक महत्वपूर्ण विषय होगा।
इस ब्रिटिश राजनीतिज्ञ ने कहा कि दोनो पक्ष ईरान में 2017 में होने वाले चुनावों के बारे में भी बारतीच करेंगे। उन्होंने कहाः ईरान में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों का नतीजे दुनिया विशेष कर क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों जैसे सऊदी अरब के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
क्लेग का मानना है कि सीरिया का भविष्य भी सऊदी अरब के लिए महत्वपूर्ण विषय है और यह देश विश्व शक्तियों जिसमें ब्रिटेन भी है से सीरिया के संबंध में अपनी राजनीतिक के लिए “भीख” माँग रहा है।
क्लेग के अनुसार बहरीन और इस देश में विरोधियों का दमन एक ऐसा विषय है जिस पर सऊदी अरब और थेरेसा किसी सहमति पर पहुँच सकते हैं क्योंकि थेरेसा ने पिछले साल की अपनी यात्रा में फ़ारस की खाड़ी के इस देश के अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध बना लिए हैं।
यमन के विरुद्ध सऊदी अरब के युद्ध के संबंध में क्लेग का विश्वास है कि निःसंदेह सऊदी अरब ब्रिटिश प्रधानमंत्री से यमन में सऊदी अरब की यमन के विद्रोहियों के संबंध में हथियार और संसाधन का अपना समर्थन बढ़ाए जाने की मांग करेगा।
इस सांसद ने कहाः यमन में सऊदी सैन्य हस्तक्षेप के बारे में ब्रिटिश जनता की राय यह है कि ब्रिटेन को इसका समर्थन नहीं करना चाहे और इस देश को हथियारों की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए।
क्लेग ने कहा प्रधानमंत्री इस समय फ़ारस की खाड़ी के देशों की शासकों की इस समय “चापलूसी” कर रही हैं ताकि ब्रेक्सिस्ट के बाद ब्रिटेन के कम हो चुके प्रभाव को दोबारा बढ़ा सकें, लेकिन यह एक बड़ी गलती है क्योंकि उनका यह क़दम मध्य पूर्व के देशों जैसे इराक़, ईऱान, यमन और सीरिया की नजर में देश की प्रतिष्ठा को समाप्त कर देगा।
थेरेसा में अपनी जार्डन की एक दिन की यात्रा और वहां इस देश के बादशाह मलिक अब्दुल्लाह दिर्तीय, और राजधानी ओमान के पास एक सैन्य अड्डे का भ्रमण कनरे के बाद दो दिन के लिए रियाज़ की यात्रा पर पहुँची हैं और वहां उन्होंने सऊदी अरब के वली अह्द मोहम्मद बिन नाएफ़ से मुलाक़ात की है।