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कभी दुबई की सड़कों पर कार धोता था यह इंडियन, आज हैं कंपनी का मालिक

संयुक्त अरब अमीरात एक सपनो का शहर है, जहां अलग-अलग देशो के लोग काम की तलाश में जाते हैं और काम करते हैं. अमीरात में लोग अपने सपनो को पूरा करते हैं, असंभव को संभव कर दिखाते हैं.

अमीरात में लाखों की तगात पर प्रवासी काम करते हैं पर उनमे से कुछ ही ऐसे होते हैं जो बड़े सपने देखते हैं और उन सपनो को पूरा करते हैं. अभी हाल ही मै अमीरात स्थित केरल के कार वॉशर ने सुर्खियाँ बटोरी हैं, जिन्होंने अपने सपनो को असंभव से संभव कर दिखाया.

यह कहानी है शाहजहाँ अब्बास की जिन्होंने 27 साल पहले अमीरात की जमीन पर पांव रखा और यह सपना देखा की वह अपनी जिन्दगी को बदल देंगे और एक बड़ा आदमी बनने का सपना देखा और यह साबित कर दिखाया की हमारी कड़ी मेहनत ही सफलता की सीढ़ियों तक हमें ले जाती है और जिन्दगी में एक जादुई परिवर्तन ला सकती है.

शाहजहाँ एक ऐसा व्यक्ति है जिसने कार-वाश फर्म में एक हेल्पर के रूप में कार्य किया और आज वह एक बड़ी कंपनी Oasis Group का मालिक है. वर्ष 1990 में केरल के शाहजहाँ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की डिग्री लेकर अपने पिताजी के साथ अमीरात गए जहां उनके पिता एक कारवाश कंपनी में काम करते थे.

शाहजहाँ कहते हैं की वह भी उसी कार-वाश कंपनी में हेल्पर थे. शाहजहाँ आगे कहते हैं की उन्होने अन्य क्षेत्रों में भी नौकरी के लिए प्रयास किया परन्तु उन्हें कहीं जॉब नहीं मिली, फिर कहते हैं की उन्हें असफलता हासिल करने के बाद उन्हें अहसास हुआ की उनकी डिग्री का कोई काम नहीं तो उन्होंने इस स्थिति पर उन्होंने अपने पिताजी से वार्ता की और जोखिम लेकर खुद का कार-वाश फर्म खोल दिया.

oasis ग्रुप के नाम से यह कंपनी आज बस कार-वाश फर्म नहीं है, oasis ग्रुप के आज रियल एस्टेट, हेल्थकेयर, सलून हैं और यह दान भी करते हैं और गरीबों की मदद करते हैं.

शाहजहाँ कहते हैं उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा था, उन्होंने कड़- मेहनत की और इस ग्रुप को इस मुकाम तक ले आये.

शाहजहाँ ने कहा की मेरी कहानी किताबो में पढ़ी जाने वाली कहानियों जैसी है, परन्तु इस कहानी को बनाने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है़

उन्होंने कहा की “संयुक्त राज्य अमीरात में अवसर बहुत अधिक हैं, ऐसा कोई देश नहीं है जो तुम्हे खुद को साबित करने के लिए इतने सारे प्लेटफॉर्म दें और बदले में कुछ भी ना मांगे.मैं इस देश में अपनी जिंदगी जी रहा हूँ, मैं जीवन में सफल रहा हूं क्योंकि मैं अमीरात के सिवाय कहीं नहीं गया, मेरा विश्वास अडिग रहा, मैं अपने कर्मचारियों के साथ रहता हूँ और काम करता हूँ. मैंने अमीरात के नेताओं से बहुत कुछ सीखा है.”

उन्होंने कहा, “हमें समस्याओं का सामना करना होता है, परन्तु हमें रास्ता खोजने की जरुरत होती है, उन्होंने कहा की हम कारों की सजावट का काम भी करते हैं, इस क्षेत्र में नए डिजाइन इस्तेमाल कर कार को सजाने की हमारी कोशिश जारी है, हमने इस राष्ट्रीय दिवस में 100 से अधिक कारों की सजावट का कार्य किया”
शाहजहाँ अपनी पत्नी फातिमा और अपने चार बच्चों दाना,मोहम्मद, यमिना और जर्मिना के साथ अमीरात में रहते हैं.