Home अरब देश सऊदी गठबंधन पतन के कगार पर है : प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक

सऊदी गठबंधन पतन के कगार पर है : प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक

प्रसिद्ध अंग्रेजी पत्रकार और विश्लेषक डेविड हरेस्ट ने सऊदी अरब द्वारा यमन युद्ध के लिए गठित गठबंधन के निकट भविष्य में धरायशी होने की तरफ़ इशारा करते हुए ज़ोर दिया है कि सऊदी अरब के 32 वर्षीय एडवेंचर के चहीते क्राउन प्रिंस का पहला सैन्य एडवेंटर रणनीतिक और सामरिक रूप से विफल हो चुका है।

हरेस्ट ने ब्रिटिश पत्रिका मिडिल ईस्ट में एक लेख में लिखाः यमन पर आक्रमण को दो साल से अधिक का समय हो जाने के बाद, साक्ष्यों से पता चलता है कि सऊदी अरब ने इस युद्ध के लिए जिस गठबंधन को तैयार किया था वह धरायशी होने की कगार पर है।

हरेस्ट के अनुसार यमन में अंसारुल्लाह के विरुद्ध लड़ा रहे ज़मीनी बल चाहे वह यमनी हों या विदेशी उनके बीच मतभेद स्पष्ट होते जा रहे हैं, और यह चीज़ सऊदी गठबंधन के भविष्य के लिए खतरा है।

हरेस्ट के अनुसार इस मतभेद का एक मुख्य कारण सेना में मौतों की संख्या का अधिक होना है, यमन के युद्ध में सबसे बड़ा विदेशी दल सूडान का है जिसके 10000 सैनिक लड़ रहे हैं और इन्हीं को सबसे अधिक क्षति उठानी पड़ी है, सूडान के राष्ट्रपति के एक करीबी सूत्र का कहना है कि यमन की लड़ाई में अब तक सूडान के 500 सैनिक मारे जा चुके हैं, और यही कारण है कि सूडान के अधिकारियों पर सेना को यमन से बाहर निकालने का दबाव डाला जा रहा है।

हरेस्ट ने दावा किया है कि यमन के ज़मीनी बल जिनके बारे में सऊदी अरब ने दावा किया था कि जब ढाई साल पहले सऊदी अरब ने इस देश पर सैन्य आक्रमण किया था को उन्होंने उनका स्वागत किया था, अब इन्हीं बलों में फूट पड़ गई है।

सऊदी गठबंधन के समर्थन वाले सबसे बड़े यमनी बल “सुधार के लिए रैली पार्टी” के स्थानीय कमांडर अपने इस कदम की राजनीतिक कीमत की तरफ़ देख रहे हैं कि उनके इस कदम के बाद यमन की जनता के बीच वह सऊदी अरब के भाड़े के टट्टू में बदल गए हैं। इन बलों को बड़ी मानवीय क्षति भी उठानी पड़ी है, यह अब युद्ध से थक चुके हैं और अंसारुल्लाह से सीधे बातचीत का मौका तलाश कर रहे हैं।

हरेस्ट के अनुसार सऊदी गठबंधन की कमज़ोरी का एक और कारण ओमान का रुख है जिसका यमन के दक्षिण में प्रभाव है और वह यमन के दक्षिण में स्थित सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण द्वीपों और बंदरगाहों पर अमीरात के कब्ज़े को लेकर चिंतित है। जिसके बाद ओमान ने दक्षिणी यमन में मौजूद कबीलों के सरदारों से अमीरात के संबंधित अर्ध सैनिक बलों से मुकाबला करने के लिए संपर्क किया है।

हरेस्ट ने अंत में कटाक्ष करते हुए लिखाः सऊदी अरब के युवा क्राउन प्रिंस जिनको पश्चिमी सुधारक कह रहे हैं, केवल एक स्थान पर सफल हुए हैं और वह मतभेदों में पड़े यमनियों को अपने विरुद्ध एक करने में सफलता पाना है।