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सऊदी अरब करेगा यमन के लोगों का आर्थिक बोझ कम करने में मदद

source: Reuters

रियाद: सऊदी कैबिनेट ने यमनई सेंट्रल बैंक में 2 अरब डॉलर जमा करने के लिए किंग सलमान के निर्देशों की सराहना की है, जिसमें सऊदी द्वारा दी गयी सहायता  राशि 3 अरब डॉलर तक पहुंच गई है.

मंगलवार को अल-यममाह पैलेस में किंग सलमान की अध्यक्षता में, कैबिनेट ने कहा कि यह कदम यमनियों के लोगों के आर्थिक बोझ का निपटान करने के लिए उठाया गया है. सऊदी के समर्थन यह उनके दुःखों को कम करेगा और ईरान के समर्थित हौथी लड़ाकों के अपराधों की वजह से आर्थिक बोझों से निपटने में मदद करेगा, जिसने उनके देश और राजस्व को लूट लिया है.

इसी के साथ, मंत्रिमंडल ने हाल ही में रियाद में आयोजित यमन में वैधता का समर्थन करने वाले अरब गठबंधन की बैठक का एलान किया और व्यापक मानवतावादी सहायता योजना का स्वागत किया.  जिसमें गठबंधन सदस्य देशों द्वारा 1.5 अरब डॉलर का योगदान शामिल है. यूनाइटेड नेशन ने घोषणा की वह यमन के मानवीय सहायता कार्यक्रम में 50% से ज्यादा का योगदान देगा.

मंत्रिमंडल ने जेद्दाह में अपनी आपातकालीन बैठक में इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य राज्यों के विदेश मंत्रियों के फैसले की भी प्रशंसा की, जहां ईरान द्वारा निर्मित बैलिस्टिक मिसाइलों को 19 दिसंबर 2017 को रियाद में लॉन्च करने के लिए हौथी लड़ाकों पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

कैबिनेट ने राज्य में आतंकवाद से लड़ने के लिए OIC मंत्रियों के समर्थन की सराहना की और अपनी सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों में राज्य के साथ उनकी एकजुटता और इस आक्रामक हमले के खिलाफ सामूहिक गुट बनाने की मांग की है.

कैबिनेट ने देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए ईरान की जमकर निंदा की और नवंबर 2016 में मक्का में OIC के विदेश मंत्रियों के फैसले का उल्लंघन और ईरान को नीतियों को रोकने के लिए प्रासंगिक सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की है. ईरान को सांप्रदायिक विवादों को उकसाने और आतंकवादी समूहों के समर्थन और वित्तपोषण को रोकने की सलाह दी है.

आतंकवाद पर, मंत्रिमंडल ने अफगानिस्तान के काबुल में एक होटल पर आतंकवादी हमले पर भी गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की. इसी के साथ “आतंकवाद” और “उग्रवाद” के सभी कृत्यों के खिलाफ लड़ने के लिए सऊदी और सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा.