Home अरब देश सऊदी अरब में बढ़ती महंगाई बन सकती है प्रवासियों के लिए मुसिबत

सऊदी अरब में बढ़ती महंगाई बन सकती है प्रवासियों के लिए मुसिबत

दुबई: एक लंदन आधारित अर्थशास्त्र सलाहकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में प्रवासी श्रमिकों को बढ़ती महंगाई से कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

मिडिल ईस्ट के कैपिटल इकोनॉमिक्स के विश्लेषक जेसन टुवे ने कहा कि ईंधन और बिजली के लिए हाल ही में कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी, साथ ही वैल्यू एडेड टैक्स भी सऊदी नागरिकों से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को प्रभावित करेगा.

विदेशी श्रमिकों को सऊदी अरब में रोजगार के लिए एक उच्च “एक्सपिट लेवी” का भुगतान करना होगा और उनके आश्रितों के लिए शुल्क में भी बढ़ोतरी होगी.

टुवे ने कहा कि, सऊदी नागरिकों ख़ास तौर से सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वालों को इसका सीधा फायदा होगा. इसके विपरीत, प्रवासी परिवारों को भारी नुकसान घेलना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि 2018 में राज्य में महंगाई दर 6% बढ़ेगा, जो सरकार के 5.7 प्रतिशत के अपने पूर्वानुमान से कहीं ज्यादा है.

टुवे का अनुमान है कि राज्य में हाल ही में कीमतों में बढ़ोतरी और वैट की शुरुआत के साथ-साथ पिछले हफ्ते रहने वाले भत्तों की लागत के बाद, जो कि कई सउदी परिवारों के लिए महंगाई को कम करेगा.

ज्यादातर महंगाई पेट्रोल और बिजली की कीमतों में देखी जाएगी. टुवे ने गणना की है कि पेट्रोल पंप पर तेल कीमत में 127% तक की बढ़ोतरी होगी, जबकि बिजली की कीमतों में 260% की बढ़ोतरी होगी और वैट में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी.

यह भी संभावना है कि आगे जिन भी चीज़ों में बढ़ोतरी होगी वो हाल ही में लागू की गयी चीज़ों से कम होगा.सऊदी अरब में महंगाई की दर पिछले साल शून्य के आसपास थी, क्योंकि तेल की  कम कीमतों और राज्य में आर्थिक गतिविधि के निरंतर प्रभाव था, लेकिन अक्टूबर से राज्य में महंगाई बढ़ना शुरू हो गयी थी.

ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस साल बढ़ती कीमतों की अवधि के बाद, 2019 में महंगाई दर 2 प्रतिशत ही बढ़ेगा.