Home अरब देश फिलिस्तीन को इस्लामी जगत का पहला मुद्दा होना चाहिये : रूहानी

फिलिस्तीन को इस्लामी जगत का पहला मुद्दा होना चाहिये : रूहानी

ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी की आपात बैठक में कहा है कि बैतुल मुकद्दस के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो दुस्साहस किया है वह अतिग्रहणकारी जायोनी शासन से क्षेत्रीय सरकारों के सांठ-गांठ का परिणाम है।

क्षेत्र की कुछ सरकारों ने इस्लामी जगत में फूट डालने और जायोनी शासन से संबंध बढ़ाने की नीति अपना रखी है ताकि इस्लामी जगत के सबसे मुख्य मुद्दे फिलिस्तीन से आम- जनमत का ध्यान हटाया जाये और फिलिस्तीन को स्वतंत्र कराये जाने के प्रयास के बजाये ईरान को खतरा दर्शाया जाये।

बहरैन की आले ख़लीफा सरकार ने इस्राईली अधिकारियों से वार्ता के लिए जो प्रतिनिधिमंडल अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन भेजा था उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

बहरैनी सरकार की इस स्ट्रैटेजी ने दर्शा दिया कि इस देश की सरकार मुसलमानों के साथ रहने के बजाये पीछे से फिलिस्तीनी इंतेफाज़ा को छुरा घोंप रही है।

इसके बावजूद ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने फिलिस्तीन मुद्दे पर समस्त इस्लामी देशों के मध्य एकता पर बल देकर कहा कि यद्यपि कुछ मामलों के बारे में हमारे मध्य मतभेद है किन्तु बैतुल मुकद्दस और फिलिस्तीन के बारे में हमारे बीच मतभेद नहीं होना चाहिये और इस्लामी जगत की समस्त समस्याओं का समाधान वार्ता द्वारा हो सकता है

और एकमात्र इस्लामी एकता के माध्यम से हम बेहतर ढंग से इस्लामी जगत के अधिकारों और क़ुद्स का समर्थन कर सकते हैं।”

इसी तरह राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि फिलिस्तीन को इस्लामी जगत का पहला मुद्दा होना चाहिये और इराक एवं सीरिया में दाइश की पराजय के बाद आतंकवादी गुटों से मुकाबला जारी रहना चाहिये और परमाणु भंडारों के ख़तरों सहित जायोनी शासन के ख़तरों से निश्चेत नहीं रहना चाहिये।

बहरहाल इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी की बैठक में ईरान ने एकता का जो संदेश दिया है उस पर इस्लामी जगत में किस सीमा तक अमल होता है यह एक एसा विषय है जिस पर विश्व का आम जनमत दृष्टि रखे हुए है।