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OIC ने आपसी ‘भाईचारा’ और सभी ‘धर्मों’ का सम्मान करने का आग्रह किया

source: Al Arabiya

रियाद: OIC स्वतंत्र स्थायी मानवाधिकार आयोग (IPHRC) ने सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के संबंध में स्थायी विकास परियोजनाओं के लिए मानव अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने का आग्रह किया है.

OIC ने समाज में अमन का माहौल, आपसी भाईचारा, आपसी सहयोग और अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए आग्रह किया है. जिससे समाज में शांति और अमन का माहौल कायम हो सकें और समाज में विकास का संतुलन भी बना रहे.

OIC के मानवाधिकार समूह ने कहा कि समाज के नई संस्कृतियों और विविधताओं को बहुत तेज़ी से अपना रहा है. जिससे मतभेद हो रहा है, जो कभी-कभी विभाजनकारी राजनीतिक फ़ायदे और उग्रवाद को बढ़ावा देता है. लेकिन सांस्कृतिक मतभेदों के अस्तित्व के बावजूद, हर एक धर्म के लोगों को दूसरे धर्म के लोगों के साथ आपसी सहयोग बनाना चाहए. एक देश अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग मौजूद है और आपसी प्रेम के साथ ही समाज में शांति का माहौल कायम लिया जा सकता है.

OIC के मानवाधिकारी समूह ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता की इज्ज़त करने से पता चला है की आप मानव अधिकारों की भी इज्ज़त करते है. समाज में हर किसी को अपनी धार्मिक गतिविधियों का प्रचार करने की पूरी आजादी है और सभी धर्मों के आपसी सहयोग से ही समाज में शांति कायम की जा सकती है.

source: Arab News

अधिकारी ने कहा कि, संगठन हमेशा OIC सदस्य देशों और उनके बीच संवाद और विकास के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को बढ़ावा देने और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है.

OIC का दृढ़ विश्वास है कि सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता ज्ञान साझा करने और राष्ट्रों और समाजों के बीच अंतर पर काबू पाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है. इसके लिए मीडिया को सक्रिय होने की ज़रूरत है. ख़ास तौर से सोशल मीडिया लोगों के विचारों को बाटने ना सबसे अच्छा प्लेटफार्म है.

OIC ने बहुसांस्कृतिक समाजों के निर्माण के लिए परस्पर सम्मान और विविधता की स्वीकृति को बढ़ावा देने के लिए मीडिया से सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया है ताकि समाज के लोग हर धर्म की इज्ज़त कर सकें और आपसी भाईचारे के साथ रह सकें.

आयोग सदस्य देशों को सक्रिय रूप से महिलाओं, युवाओं और इमामों को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे बेहतर समझ और सहिष्णुता बढ़ जाएगी. आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर समाज में शांति का माहौल बना तो यह देश की प्रगति और विकास को भी बढ़ेगा.