Home अरब देश 10 वर्षों से अमीरात में फंसा यह भारतीय पहुंचा अपने घर

10 वर्षों से अमीरात में फंसा यह भारतीय पहुंचा अपने घर

सौजन्य से-खलीज टाइम्स

48 वर्षीय चिलुला चंद्रशेखर जब मई 2007 में भारत से वीजा लेकर संयुक्त अरब अमीरात में पहुंचे तो उनके दो बच्चे क्रमशः 10 और 6 साल का थे, आज 2017 यानी की 10 साल हो गए हैं, चन्द्रशेखर ने अपने बच्चों की शक्ल अभी तक नहीं देखी. परन्तु इस साल चन्द्रशेखर अपना नया साल अपने परिवार के साथ मनाएंगे.

शनिवार को वह 10 साल बाद दुबई हवाई अड्डे पहुंचे, इस बार वह हवाई अड्डे अपने घर तेलंगना वापस जाने के लिए गए होंगे, मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने बताया की “उन्होंने अपने दोनों बच्चों को अभी तक नहीं देखा, उन्होंने कहा की उनके बच्चे 20 वर्षीय हैं और 16 वर्षीय हैं, जो मेरे अमीरात आने पर काफी छोटे थे.

भारत में धोखाधड़ी के वीजा एजेंट के झूठे वादों पर विश्वास कर उस समय चन्द्रशेखर ने भारत को छोड़कर अमीरात आने का फैसला लिया था, क्योंकि वह अपने परिवार के लिए एक बेहतर भविष्य चाहते थे.

उन्हें दुबई में धोखे से रखा गया, वह दुबई में बिना रेसीडेंसी पेपर प्राप्त किये ही रहने लगे, क्योंकि उनका एजेंट उन्हें धोखा दे चूका था,उन्होंने कहा की “उन्होंने 3,865 दिनों के लिए ओवरस्टेड किया और Dh386,500 तक का जुर्माना उन पर लगाया गया, हालाँकि चंद्रशेखर की अतिदेय जुर्माना को माफ कर दिया गया था, और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा उन्हें बाहर निकलने का रास्ता जारी किया गया था.

उन्होंने कहा की मुझे यहाँ धोखे से लाया गया था, एक सुनार ने मुझे कहा था की वह भी दुबई में काम करते हैं, जिस वजह से वह उन्हें भी दुबई ले गए, चन्द्रशेखर ने कहा की “उन्होंने नयी नौकरी के लिए उस सुनार को INR70,000 दे दिए, जब वह दुबई आये तो उन्हें महसूस हुआ की उनके साथ धोखा हुआ है.

उन्होंने कहा की “अमीरात आने के बाद मै खाली हाथ वापस नहीं लौटना चाहता था इसलिए मैंने वहाँ एक लघु उद्योग में काम करना शुरू कर दिया, जिसका उन्हें DH600 से DH1200 मिलता था, लेकिन चन्द्रशेखर कहते हैं की “अब वह भारत वापस जाना चाहते हैं. क्योंकि उन्हें अपने बच्चों को देखना है”

इंडिया से अमीरात के कंसल जनरल विपुल ने कहा की “मै अमीरात अधिकारीयों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने चन्द्रशेखर का अतिदेय जुर्माना माफ़ कर दिया, उन्होंने कहा की “ऐसे धोखेबाज एजेंटों से बचे, ये लोग गरीब लोगों को जरिया बनाकर उनसे रूपये लूटते हैं, ये लोग गरीब लोगों को पैसों का लालच देते हैं.”