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संरा के पूर्व उच्चायुक्त ने सऊदी अरब के पक्ष में वोटिंग के लिए बेल्जियम पर लगाया रिश्वत का आरोप

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के पूर्व उच्चायुक्त ने कहा है कि बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के महिला मामलों में सऊदी अरब की सदस्यता के लिए हां में वोट देने के लिए बदले में सऊदी अरब से 25 मिलयन डालर की रिश्वत प्राप्त की है

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के पूर्व उच्चायुक्त नावी प्लारी ने मोन्ट कार्लो रेडियों के दिए साक्षात्कार में संयुक्त राष्ट्र में महिला स्थान के लिए सऊदी अरब की सदस्यता पर कुछ यूरोपीय देशों के हां में वोट देने के रहस्य से पर्दा उठाया है।

ह्येल न्यूज़ एजेंसी के वेबसाईट के हवाले से, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के पूर्व उच्चायुक्त ने संयुक्त राष्ट्र की महिला मामलों की समिति में सऊदी अरब की सदस्यता की निंदा करते हुए कहा है कि सऊदी अरब को संयुक्त राष्ट्र का सदस्य ऐसी स्थिति में बनाया गया है कि इस देश का रवय्या महिलाओं के साथ त्रासदीपूर्ण रहा है और इस देश में लिंगभेद अपनी चरम सीमा पर है।

श्रीमति प्लारी ने कहाः बेल्जियम के विदेश मंत्री का कहना है कि न्यूयार्क और ब्रुक्सेल में समय के भिन्न होने के कारण बेल्जियम का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र में कुछ नहीं कर सकता था, लेकिन मुझे स्पष्ट रूप से कहने दीजिये कि मानवाधिकार उच्चायुक्त में हमें बेल्जियम के विदेश मंत्रालय के एक प्रतिष्ठित सूत्र से जानकारी मिली है जो इस कड़वी सच्चाई से पर्दा उठाती है कि बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में महिला स्थान के लिए सऊदी अरब को हां में वोट देने के बदले में सऊदी अरब से 25 मिलयन डालर की रिश्वत प्राप्त की है।

सऊदी अरब में महिलाओं के साथ एक पुरुष सरपरस्त (बाप, भाई, पति) होना चाहिए जो सारे जीवन भर उनके लिए फैसला करता रहे, सऊदी अरब में महिलाओं को न केवल ड्राइविंग की अनुमति नहीं है बल्कि जन्म से मृत्यु तक उनका कंट्रोल एक पुरुष के हाथों में रहता है।