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दुबई – भारतीयों को चेतावनी, अगर यह दवा लेकर आये तो हो जाओगे गिरफ्तार

source- khaleej times

भारतीय राजदूत नवदीप सूरी ने ब्लू-कालरड कर्मचारियों से आग्रह किया की वह प्रतिबंधित दवाइयां अमीरात में ना लाये, विशेष रूप से जिनके पास भारत में संयुक्त अरब अमीरात दूतावास द्वारा प्रमाणित किया गया कोई दवाई का परचा या नुस्खा नहीं है.

उन्होंने विशेष रूप से भारतीय श्रमिको को आग्रह किया की, उन्होंने कहा की “ड्रग्स, नींद की गोलियों व अन्य प्रकार के नशीली दवाइयों को अमीरात में लाने पर भारतीय श्रमिकों को हिरासत में लिया जाता है.

400 कर्मचारी एकत्र कर संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने उनसे आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें, अपने निजी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें और ई-माइग्रेट सिस्टम पर खुद को पंजीकृत करें, जो उन्हें धोखाधड़ी के वीजा एजेंटों से बचाएगा, मंगलवार को दुबई इन्वेस्टमेंट पार्क के पेट्रो वोर्किंग हाउस में उन्होंने यह बोअल, यह कार्यक्रम भारतीय श्रमिक संसाधन केंद्र (आईडब्ल्यूआरसी) द्वारा आयोजित किया गया था, इस कार्यक्रम में भारतीय दूतावास और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.

उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपने फोन पर आईडब्ल्यूआरसी हॉटलाइन नंबर 800 इंडिआ (80046342) को डायल कर जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं और सूरी ने धोखेबाज एजेंटों से वीजा सेवाओं का लाभ नहीं लेने का आग्रह किया.

प्रतिबंधित दवाइयां

सोशल वर्कर्स और आईडब्लूआरसी के कार्यकर्ताओं ने कहा की “श्रमिकों को उन दवाइयों की सूची को ठीक से जांच कर लेनी चाहिए जो अमीरात में इंडियन कंसलटेट और एम्बेसी वेबसाईट द्वारा प्रतिबंधित हैं.

आईडब्ल्यूआरसी के मैनेजर अनीश चौधरी ने कहा की “मजदूरों को दवाइयां संयुक्त अरब अमीरात में लाने के लिए थोडा शिक्षित या जानकार होना चाहिए, अक्सर मजदूर बेईमान एजेंटों या अनजान परिवार के सदस्यों के बहकावे में आकर पैकेज स्वीकार करते हैं, उन्हें पैकेज स्वीकार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए.” अनीश ने एक इंटरव्यू में पहले कहा था की “अमीरात की जेल में दवाइयों के मामलो में 90 से अधिक भारतीय गिरफ्तार हैं”

उन्होंने कहा की “संयुक्त अरब अमीरात में बहुत ही सख्त, शून्य-सहिष्णुता विरोधी दवाओं की नीति है और अत्यधिक संवेदनशील उपकरणों के उपयोग से हवाई अड्डे पर पूरी तरह से खोज की जाती है, इसलिए उन एजेंटो से बचे जो भारतीय श्रमिकों को बहकाते हैं”

अनीश ने कहा कि श्रमिकों को हमेशा हवाई अड्डों में अपने सामान का ध्यान रखना चाहिए और अज्ञात लोगों के बैग और पैकेट को स्वीकार नहीं करना चाहिए, यदि वे दवाएं लाना चाहते हैं तो उन्हें भारत में संयुक्त अरब अमीरात दूतावास द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए, जागरूकता अभियान के तहत अनीश ने कर्मचारियों को फोन घोटाले, वित्तीय घोटाले, स्वास्थ्य और कल्याण और पहचान की चोरी के बारे में भी बताया.

इस बीच मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एलएलसी के एक मैनेजर ने कहा की “हमारे राजदूत ने मजदूरों को कई चीजों की व्याख्या की है, विशेष रूप से उन्हें उनके मूल अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई है और उन्हें अपनी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया है”.

सुमति वासुदेव, कॉन्सल (कॉन्सलर एंड लेबर मामलों), ने कहा की “हम नियमित रूप से इन जागरूकता शिविरों का आयोजन करते हैं और हमारा मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाने और कर्मचारियों को सूचित करना है कि वे हमसे संपर्क कर सकते हैं, आईडब्ल्यूआरसी हॉटलाइन और मदद एप्प http://www.madad.gov.in/) के जरिये आप हम से जुड़ सकते हैं.

दवाइयों से सम्बंधित कुछ रोचक बाते

 देश में लाया जाने वाली किसी भी दवा के साथ डॉक्टर के पर्चे को साथ में लाना चाहिए, स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक, तीन महीने से ज्यादा समय हुए पर्चे पर दवाओं की सप्लाई की अनुमति नहीं है

 फ्लाइट के दौरान किसी भी दवाई की जरुरत आपको पड़ती है तो उसे अपने हैण्ड बैग में ही रखें.

संयुक्त अरब अमीरात के स्वास्थ्य अधिकारी विश्व स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी किए गए चेतावनी परिपत्र अपडेटों जैसे यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) और यूरोपीय मेडिसिंस एजेंसी का भी पालन करते हैं.