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तवाफ करने वाली भीड़ की निगरानी के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का होगा इस्तेमाल

जेद्दाह: ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर(स.अ.व) की मस्जिद के मामलों के जनरल प्रेसीडेंसी ने कहा कि यह मातफ आंगन और ऊपरी मंजिलों, छत और मक्का की ग्रैंड मस्जिद में अल-मसा में ट्रैफिक को काबू करने के लिए विशेष कार्यक्रमों को भी लागू किया जाएगा.

अरबी समाचार पत्र अरब न्यूज़ के मुताबिक ग्रैंड मस्जिद भीड़ प्रबंधन के निदेशक फारेस बिन फ़ैज मुल्ला ने को बताया कि प्रेसीडेंसी भीड़ के अध्ययन और प्रबंधन पर ध्यान देगा और सुरक्षा, सुविधा और आसानी से आवाजाही की देखरेख भी करेगा और यह सभी काम सिक्यूरिटी अथॉरिटी के अन्दर किया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि अथॉरिटी सुरक्षा, सरकार और एकेडमिक एजेंसियों में अपने सहयोगियों के साथ सभी सुविधाओं के लिए सबसे बेहतर सेवाएं देगा और मातफ आंगन और ऊपरी मंजिलों, छत और आस-पास के अल-मसा के फर्श में भीड़ की निगरानी करने के लिए और चलने में आसानी के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.

अरब न्यूज़ के मुताबिक मुल्ला ने यह भी कहा की “पूरे साल में विशेष स्थानों की सभी जगहों पर अध्यन करने और मापने वाली टीमों के माध्यम से भीड़ की निगरानी करेगी. इसी के साथ टीम ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए कई अलग-अलग टीमों के साथ भी मिलकर काम कर रहे है और आवाजाही में आसानी के नए उपाय भी ढूढ़ रहे है.

उन्होंने बताया कि मस्जिद की निगरानी पहले के मुकाबले में और बेहतर हो गई है. माना जा रहा है कि आने वाले सालों में पवित्र मस्जिद के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.

मुल्ला ने समझाया कि अगर कोई तीर्थयात्री बताये गए नियमों को नहीं मानेगा या अगर कुछ लोग प्रवेश द्वारों, गलियारों और दरवाजों में गलत तरीके से अन्दर आने की कोशिश करने के लिए भी विशेष निगरानी वाली टीम बनाई गयी है.  वहीँ उन्होंने यह भी बताया कि पवित्र मस्जिद में अलग-अलग भाषाओं से नियमों के लिखे जाने के बाद भी यह गलतियां होती है.

हालांकि मुल्ला ने यह भी कहा कि मातफ आंगन की सभी मंजिलों के साथ-साथ हर घंटे 107,000 लोगों की भीड़ होती हैं, जबकि मातफ आंगन की क्षमता 30,000 प्रति घंटे है.