Home अरब देश अरब चौकड़ी ने क़तर पर संयुक्त राष्ट्र मिशन रिपोर्ट की निंदा की

अरब चौकड़ी ने क़तर पर संयुक्त राष्ट्र मिशन रिपोर्ट की निंदा की

जेनेवा –चार अरब राज्यों ने कतर के साथ राजनीतिक संकट के संबंध में मानवाधिकार के उच्चायुक्त (ओएचसीएचआर) के कार्यालय के तकनीकी मिशन की रिपोर्ट को खारिज किया है और कहा की “यह पक्षपाती है और इसमें निराधार आरोप लगाये गए हैं.”

मंगलवार को जारी एक बयान में , जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र के राजनयिक मिशन ने नवंबर 2017 में कतर पर तैयार की गयी ओएचसीएचआर मिशन की रिपोर्ट की निंदा की है. बयान में कहा गया है कि रिपोर्ट में राजनीतिक संकट के बारे में भ्रामक सूचनाएं शामिल हैं, जो राजनीतिक संकट और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के सामान्य संदर्भ के सीमित समझ के आधार पर निष्कर्ष और टिप्पणियों की ओर अग्रसर हैं.

बयान में कहा गया की “आतंकवादी निधि में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ-साथ आतंकवादी गतिविधियों के लिए समर्थन और आतंकवादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए कतर के समर्थन पर आधारित है, ताकि मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये हिंसा को उकसाया जा सके और अरब क्षेत्र में नफरत बयानबाजी हो सके, व्यक्तियों के वित्तपोषण पर “उन्होंने कहा कि चार देशों द्वारा कतर के बहिष्कार पर वे राष्ट्रीय सुरक्षा की सुरक्षा और बचाव के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं.”

उन्होंने कहा की “इसका उद्देश्य कतरियों के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं है.”

इस बयान में ओएचसीएचआर को उस पद्धति और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को संबोधित करने के लिए कहा गया था जिसमें रिपोर्ट की गई थी, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है और मिशन के तकनीकी कार्य की प्रकृति के अनुरूप नहीं है.

अरब लीग की ये चार चौकड़ियाँ पिछले साल जून से क़तर देश से अलग हैं, क्योंकि इन चारो देशों ने क़तर पर आरोप लगाया है की वह आतंकवाद को समर्थन दे रहा है, हालाँकि अपने उपर लगे इन आरोपों पर क़तर ने कहा था की ऐसा कुछ नहीं है.