टिम्बक्टू में माली गणतंत्र का ऐतिहासिक एवं व्यापारिक नगर है और पश्चिमी अफ़्रीका में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश भी है. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने माली के एक इस्लामी चरपमंथी को टिम्बकटू में ऐतिहासिक इमारतो को नुकसान पहुंचाने के लिए दोषी पाया है.इस्लामिक इमारतों को नुकसान पहुँचाने वालो को नौ साल की सज़ा सुनाई है.

ऐसा ऐतिहास में पहली बार हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय अदालत ने किसी इस्लामी चरमपंथी को सज़ा सुनाई है, इस चरमपंथी का नाम अहमद-अल-फ़की-अल-मेहदी है, और यह भी पहली बार हुआ है जब सांस्कृतिक इमारतों को नुकसान पहुंचाने वाले मामले की सुनवाई युद्ध अपराधों को आधार बना कर की गई है.

जो मक़बरे विश्व धरोहरों में गिना जाता है साल 2012 में विद्रोही सेना ने टिम्बकटू में उन ऐतिहासिक मक़बरों को नुकसान पहुंचाया था इस बात को अल-फ़की कबूल किया है.

हेग में जजों का इस मुदे पर यह कहना था कि अल-फ़की ने इस अपराध के लिए काफी शरमिन्दा है उन्होंने ‘पछतावा और संवेदना’ भी ज़ाहिर किया,या द हेग नीदरलैंड के पश्चिमी भाग में एम्सटर्डम के 30 मील दक्षिण पश्चिम में स्थित दक्षिणी हालैंड नामक प्रदेश की राजधानी है.

Web-Title: An extremist jailed for destroying islamic heritage

Key-Words: Islamic, Heritage, Muslim, International Court

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