Home यूनाइटेड स्टेट्स यह है वो देश, जिन्होंने जेरुसलम का पूर्ण रूप से समर्थन किया

यह है वो देश, जिन्होंने जेरुसलम का पूर्ण रूप से समर्थन किया

source: NDTV

World News Arabia Published Date: 22-December-2017 Time: 03:26 PM

सोमवार को अमेरिका ने अपने प्रस्ताव को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद के वीटो का इस्तेमाल किया था. अमेरिका का समर्थन करने वाले ब्रिटेन और फ्रांस सहित परिषद के सभी 14 अन्य देशों ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया था.  इसके बाद यमन और तुर्की ने इस प्रस्ताव को महासभा को सौंप दिया था, जहां अमेरिका पास वीटो पॉवर नहीं गयी.

“प्रस्ताव के विरुद्ध अमेरिका और इजरायल के साथ मतदान करने वाले देशों में से कोई भी राजनयिक पावरहाउस नही है

List of Countries – Support America in UN वो देश जिन्होंने अमेरिका के फैसले का पक्ष लिया

  1. अमेरिका
  2. इस्राइल
  3. ग्वाटेमाला
  4. होंडुरास
  5. टोगो
  6. प्रशांत द्वीप राज्य माइक्रोनेशिया
  7. मार्शल द्वीप,
  8. नौरु
  9. पलाऊ

List of Countries – Support Palestine in UN वो मुख्य देश जिन्होंने फिलिस्तीन का पक्ष लिया

  • अफगानिस्तान
  • अल्बानिया
  • अल्जीरिया
  • अंडोरा
  • अर्मेंनिया
  • ऑस्ट्रिया
  • अज़रबैजान
  • बहरीन
  • बांग्लादेश
  • बेल्जियम
  • बोस्तवाना
  • ब्राजील
  • कंबोडिया
  • चाड
  • चिली
  • कांगो
  • कोस्टा रिका
  • क्यूबा
  • डेनमार्क
  • मिस्त्र
  • इथोपिया
  • फ्रांस
  • जर्मनी
  • घाना
  • यूनान
  • भारत
  • इंडोनेशिया
  • ईरान
  • ईराक
  • आयरलैंड
  • इटली
  • जापान
  • जॉर्डन
  • कजाखस्तान
  • कुवैत
  • लीबिया
  • मलेशिया
  • मालदीव
  • माली
  • माल्टा
  • मॉरिशस
  • जापान
  • मोरक्को
  • नेपाल
  • नेदरलैंड
  • न्यूज़ीलैण्ड
  • नाईजीरिया
  • नॉर्वे
  • ओमान
  • पकिस्तान
  • क़तर
  • रूस
  • सऊदी अरब
  • सर्बिआ
  • सिंगापुर
  • सोमालिया
  • साउथ अफ्रीका
  • स्पेन
  • श्री लंका
  • सूडान
  • सूरीनाम
  • तुर्की
  • सीरिया
  • स्पेन
  • अरब अमीरात
  • यूनाइटेड किंगडम
  •  यमन
  • तंज़ानिया

वहीँ कनाडा, मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, कोलम्बिया, हैती, पोलैंड और फिलीपींस ने किसी तरह की प्रकिया ज़ाहिर नहीं की.

source: VOA News

लेकिन जिन देशों ने इस प्रस्ताव पर कोई प्रकिया ज़ाहिर नहीं की है, वो तैल अवीव में अपने दूतावास भेजेंगे. बहुत से देशों ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव पर कोई प्रक्रिया नहीं ज़ाहिर की, क्योंकि उन्हें एसा लगता है कि यह प्रस्ताव इजरायल और फिलीस्तीनियों दोनों राज्यों के समाधान में किसी भी तरह से कारगर साबित नहीं होगा.

मैक्सिको के राजदूत जुआन जोस ने कहा कि “मैक्सिको इसे येरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के लिए एकतरफा घोषणा के लिए सकारात्मक या उपयोगी नहीं मानता है.” गोमेज़ कामाचो ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आपातकालीन सत्र आयोजित करने की कोई ज़रूरत नहीं थी.

हलाकि वोट एक तरफ़ा था, लेकिन इजरायल से संबंधित कम से कम पांच पुराने प्रस्तावों और फिलीस्तीनियों के साथ संघर्ष के मुकाबले ज्यादा मतभेद करता है. अमेरिका के मिशन की प्रवक्ता हैली के प्रयासों की वजह से ही यह बदलाव हुए है.

source: Pinterest

इज़राइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि “इजराइल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को खारिज करता है और साथ ही उन देशों पर  संतुष्टि ज़ाहिर की जिन्होंने प्रस्ताव पर कोई प्रक्रिया ज़ाहिर नहीं की.”

उन्होंने यह भी कहा कि “इज़राइल, येरूशलम के पक्ष में स्पष्ट स्थिति के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प और उन देशों का धन्यवाद करता है जिन्होंने सच्चाई का साथ देकर मतदान किये है.

संयुक्त राष्ट्र में समर्थन मिलने से फिलिस्तीनी लोगों की उम्मीदें बुलंद हुई है  फिलिस्तीनी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के महासचिव साएब ईरिकत ने मतदान को “सबूत बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया को धमकी और धमकाने के बावजूद फिलिस्तीन ने पूर्ण रूप समर्थन हासिल किया है.

source: Reuters

“तुर्किश राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने डिबेट से पहले ट्वीट करके सक्त आलोचना ज़ाहिर करते हुए कहा कि ट्रम्प, आप अपने डॉलर से तुर्की की लोकतांत्रिक इच्छा नहीं खरीद सकते है.”