Home यूनाइटेड स्टेट्स भारतीयों को राहत, ट्रम्प ने ख़ारिज किया H1-B वीज़ा प्रस्ताव

भारतीयों को राहत, ट्रम्प ने ख़ारिज किया H1-B वीज़ा प्रस्ताव

ट्रम्प प्रशासन ने हजारों की तादाद में अमेरिका में रह रहे भारतीयों को राहत की सांस दी है, पिछले हफ्ते कहा जा रहा था की अगर ट्रम्प सरकार का H1-B वीज़ा प्रस्ताव जारी किया जायेगा तो अमेरिका में रह रहे 75,000 से अधिक भारतीयों को भारत वापस आना पड़ सकता है.

ट्रम्प सरकार ने सोमवार को घोषणा की “कि कोई नियामक परिवर्तन लागू नहीं होगा, जिससे की H1-B वीजा धारको को अपने ग्रीन कार्ड के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका छोड़ना पड़े.”

इस घोषणा के बाद लगभग 500,000 से 750,000 भारतीय H1-B वीजा धारकों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें लग रहा था की अगर ट्रम्प सरकार का H1-B वीज़ा प्रस्ताव जारी होता है तो उन्हें अपने देश वापस आना पड़ सकता है.”

इससे पहले, ट्रम्प प्रशासन छह साल की अधिकतम स्वीकार्य अवधि से परे H1-B धारकों का वीजा ख़ारिज करने पर विचार कर रही थी, जो की स्थायी निवास के लिए इंतजार कर रहे थे.

अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (यूएससीआईएस), HC1-B की देखरेख करने वाली एजेंसी, मीडिया रिलेशंस के चीफ ऑफ जोनाथन विदिंगटन ने कहा कि, “कोई नियामक परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, जो H1-B वीजा धारकों को एसी -21 की धारा 104 (C) की हमारी व्याख्या को बदलकर संयुक्त राज्य छोड़ने के लिए मजबूर करेगी, जो 6 साल की सीमा से अधिक H1-B एक्सटेंशन प्रदान करता है, यह राज्य अमेरिका छोड़ने वाले इन H1-B वीजा धारकों में नहीं होगा, क्योंकि नियोक्ता एक वर्ष की वेतन वृद्धि में एसी 2 के बजाय 106 से अनुरोध कर सकते हैं.

इस घोषणा से सभी भारतीयों के चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ आई है.