Home यूनाइटेड स्टेट्स अमरीका, तुर्की की सैन्य घेरबंदी कर रहा है

अमरीका, तुर्की की सैन्य घेरबंदी कर रहा है

तुर्किश समाचार पत्र ने लिखाः पेटांगन अपनी नई विस्तारवादी नीति के अनुसार क्षेत्र के नक्शे को बदलना चाहता है और हंगरी से फारस की खाड़ी तक अपने सैनिक और सैन्य संसाधनों की स्थापना करके तुर्की और ईरान का घेराव करना चाहता है।

तुर्किश सरकार के करीबी समाचार पत्र यनी शफक़ ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति का विस्तार करके हंगरी से फारस की खाड़ी तक अमरीकी मोर्चे का गठन करके तुर्की को घेरना चाहता है।

रिपोर्ट में लिखा हैः पिछले कुछ दिनों मे 67 पृष्ठ की अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की रिपोर्ट में रूस और चीन को शत्रु देश बताया गया है और तुर्की को दोस्त या दुश्मन कहे बिना उसका नाम इस लिस्ट से हटा दिया गया है। अमरीकी सरकार ने इस दस्तावेज़ में मिस्र और सऊदी अरब को दोस्त और सहयोगी राष्ट्र के तौर पर शामिल किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस लिस्ट में तुर्की के नाम का न होना नाटो के दो सहयोगियों के बीच बिगड़ते संबंधों को दर्शाता है। हांलाकि अमरीका सीरिया में पेकेके की शाखा कहे जाने वाले डेमोक्रेटिक संगठन का अंकारा के विरोध के बावजूद समर्थन कर रहा है, और इसी के साथ क्षेत्र में कुछ महीनों के अंदर अपने सैनिकों की संख्या चालीस हज़ार से बढ़ाकर साठ हज़ार करके तुर्की के घेराव कर रहा है। इस बीच अमरीकी सैनिकों की सबसे अधिक बढ़ोतरी तुर्के के अड्डो पर हुई है, और पिछले दो महीनों में इन अड्डों पर सैनिकों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।

इसी प्रकार क़तर में मौजूद अमरीकी सैनिकों की संख्या पिछले तीन महीनों में तीन हज़ार से बढ़कर सात हज़ार हो गई है, जब कि बहरीन, कुवैत और सीरिया में अमरीकी सैनिकों की एक बड़ी संख्या मौजूद है।

शीत युद्ध की समाप्ति कि बाद से सबसे अधिक सैनिकों की स्थापना करके अमरीका तुर्की को पश्चिम से घेरना चाहता है। इसी प्रकार अमरीका ने पूर्वी यूरोप के पोलैंड, रोमानिया, बुल्गारिया, लिथुआनिया और अन्य देशों में अतिरिक्त सैनिक और गोला-बारूद भेज दिए हैं।

इस समाचार पत्र ने हंगरी से सऊदी अरब तक में मौजूद अमरीकी सैनिकों की तरफ़ इशारा करते हुए लिखाः पेंटागन नवीनतम सैन्य अभियान में क्षेत्र के मानचित्र को बदलने की योजना बना रहा है ताकि हंगरी से बोस्निया-हर्ज़ेगोविना, लीबिया, मिस्र, सऊदी अरब और फारस की खाड़ी तक अमरीकी मोर्चे का गठन करके तुर्की के घेराव कर सके। अगरचे लगातार यह कहा जा रहा हैकि अमरीका रूस के विरुद्ध एक सुरक्षा बेल्ट बना रहा है, लेकिन इस परियोजना के मुख्य लक्ष्य तुर्की और ईरान हैं।

समाचार पत्र ने सीरिया संघर्ष की तरफ़ इशारा करते हुए लिखाः इसी प्रकार दक्षिण में पूर्वी सीरिया में मौजूद पेकेके बलों को पिछले कुछ महीनों में पेटांगन ने चार हज़ार ट्रक हथियार और संसाधन दे कर तुर्की के लिए चुनौतियां पैदा की हैं। अंकारा के विरोध के बावजूद पेटांगन ने दाइश के विरुद्ध लड़ाई के लिए यह चार हज़ार ट्रक हथियार और संसाधन पेकेके की शाखा वाले डेमोक्रेटिक और दूसरे कुर्दों को दिए हैं।

रिपोर्ट के अंत में आया हैः तुर्की पेकेके के विरुद्ध और अफरीन और उसके आसपास के क्षेत्र को उनके वजूद से पाक करने के लिए अभियान चलाने के लिए तैयारी कर रहा है, और संभव है कि तुर्की और अमरीकी बलों के बीच अफरीन और मनबज में संघर्ष के बीच बहुत समय नहीं रह गया है।