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पूर्वी अफ्रीका में गंजे लोगों की जान पर आई आफत, की जा रही गंजों की हत्या

पूर्वी अफ्रीका में गंजे लोगों की हत्या की जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अफ्रीका के मोज़ैमबीक में जिन लोगों के सिर पर बाल नहीं हैं, उन्हें पुलिस ने सावधान रहने को कहा है. पुलिस ने गंजे लोगों के लिए हिदायत जारी करते हुए कहा है कि उनपर हमला हो सकता है और उनकी हत्या की भी कोशिश की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास से जुड़ी मान्यताओं के कारण गंजे व्यक्तियों को निशाना बनाया जा सकता है. हाल ही में 2 गंजे लोगों की नृशंस हत्या की गई थी. माना जा रहा है कि इन दोनों को मारने के बाद उनके शरीर के अंगों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र और काला जादू से जुड़ी चीजों के लिए किया गया.

हाल ही में जिन दो गंजे लोगों की हत्या हुई, उनमें से एक का सिर उसके धड़ से अलग कर दिया गया था. इस शख्स का सिर गायब था. साथ ही, उसके कई अंग निकाल लिए गए थे. मोज़ैमबीक के जिस हिस्से में यह वारदात हुई, वह इलाका पहले से ही गोरी रंगत वाले लोगों पर अत्याचार किए जाने के लिए कुख्यात है. नैशनल पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले महीने 2 गंजे लोगों की हत्या के बाद शक के आधार पर हमने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रवक्ता ने आगे कहा कि ऐसी आशंका है कि इन लोगों की हत्या अंधविश्वास से जुड़ी मान्यताओं की वजह से हुई है. स्थानीय लोगों को लगता है कि गंजे लोग अमीर होते हैं. बताते चलें कि दुनिया के कई हिस्सों में माना जाता है कि जिन लोगों के सिर पर बाल नहीं होते, उनके पास खूब पैसा आता है. भारत के भी कई हिस्सों में लोग यह मानते हैं.

ये दोनों हत्याएं मिलांग इलाके में हुईं. दोनों मृतकों की उम्र 40 से ज्यादा है. पुलिस ने जिन 2 लोगों को अरेस्ट किया है, उन्होंने अपने बयान में बताया कि दोनों लोगों के अंगों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र और कालाजादू में होना था. एक तांत्रिक अपनी तंत्र साधना में इन अंगों का इस्तेमाल कर अपने ग्राहकों की तरक्की के लिए कुछ अनुष्ठान करने वाला था. पुलिस के मुताबिक, यह पहला मौका है जब इस इलाके में गंजे लोगों पर इस तरह के हमले हुए हैं. इस इलाके में पहले भी गोरे लोगों की हत्याएं होती आई हैं. ऐसे लोगों को मारकर उनके अंगों का इस्तेमाल काले जादू में किया जाता है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुताबिक, 2014 से लेकर अबतक मोज़ैमबीक में गोरी रंगत वाले 100 से ज्यादा लोगों पर हमले दर्ज हुए हैं.