इस्लाम एक ऐसा धर्म जो दुनिया में आने के बाद ही लगातार फैलता रहा, और आज भी इस्लाम का विस्तार बहुत तेज़ी से हो रहा हैं. कई रिपोर्ट का मन्ना तो ये है कि आने वाले समय इस्लाम धर्म सबसे ऊपर होगा.

लेकिन हम आको ये सब क्यों बता रहे हैं क्योकि इसके पीछे हमारा उद्देश्य आपको ये बताना हैं कि इस्लाम का विस्तार कैसे होता है. इसके लिए हम आपको अमेरिका में इस्लाम को लाने वाले उन छः अफ्रीकन मुस्लिम हस्तियों से रू-बरु करायेगे जिन्होंने अमेरिका में इस्लाम का बीज रखा.

इस कहानी से एक बात और साफ़ हो जाएगी कि अमेरिका में इस्लाम धर्म बहुत पुराना हैं. इसके अलावा, अमेरिका की जनगणना एक रिकॉर्ड है जिसके मुताबिक लगभग 300 मुस्लिम उपनाम वाले गुलाम आजादी के लिए गृह युद्ध के दौरान लडे थे.

वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया को मिली जानकारी के अनुसार लॉस्ट इस्लामिक हिस्ट्री में देखा गया कि, बिलाली मुहम्मद, एक अफ्रीकी मुस्लिम के उदाहरण है. जो अमेरिका में इस्लाम लाये। इनके अलावा कई अन्य भी थे जैसे अयूब जोब दजल्लो, योरो मामूद, इब्राहिम अब्दुलरहमान इब्न सोरी, उम्मर इब्ने सईद और साली बिलाली जैसे नाम भी शामिल हैं.

बिलाली मुहम्मद

इतिहासकारो के अनुसार मुहम्मद का जन्म 1770 के आसपास अफ्रीका के क्षेत्र, आज गिनी और सियरा लियोन में हुआ था. बिलाली मुहम्मद फुलानी जनजाति के एक बड़े परिवार से थे. वे अरबी भाषा जानते थे और हदीस, तफसीर, और शरिया मामलों के जानकार थे.

क्योंकि वे शिक्षित थे, इसलिए गुलाम समुदाय में उनको बड़ा रुतबा हासिल था. बिलाली मुहम्मद ने इस्लामी कानून पर एक 13 पेज का एक हस्तलेख (हाथ से लिखी गयी किताब) लिखा. जो मलीकी मज़हब पर था उसे बिलाली दस्तावेज कहा जाता है, उन्होंने वह अपनी मृत्यु से पहले अपने दोस्त को उपहार में दे दिया था.

मिस्र की राजधानी काहिरा स्थित अल-अजहर विश्वविद्यालय में इस हस्तलेख पर अध्ययन होने से पहले इसे एक डायरी समझा गया था. उनकी हस्तलेख को बेन अली डायरी या बेन अली जर्नल के रूप में भी जाना जाता है.

अय्यूब सुलेमान दिअल्लो

अयूब एक सम्मानित फूलबे मुस्लिम परिवार में जन्मे थे. उन्हें जॉब बेन सोलोमन के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने कुछ संस्मरण भी लिखे थे और दो साल के लिए मेरीलैंड में एक गुलाम भी थे. एक भ्रम के परिणाम के रूप में उहें गुलामी में बेच दिया गया था, लेकिन अंततः वह सेनेगल में अपने मुस्लिम परिवार में वापस लौट आए.

योरो मामूद

गिनी में जन्मे, योरो मामूद साल 1736 में पैदा हुए और 1823 में एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में उनका निधन हो गया था. वह अपनी बहन के साथ मैरीलैंड में 14 वर्ष की उम्र में आये थे. वो अरबी के जानकार थे, उन्होंने खुले तौर पर अपनी मृत्यु तक इस्लाम के नियमो का पालन किया था.

इब्राहिम अब्दुलरहमान इब्न

इब्राहिम अफ्रीका के सोरी गिनी में पैदा हुए थे. उन्हें गुलामों के बीच एक राजकुमार के रूप में जाना जाता था. तिम्बो के एक गांव के राजा सोरी के पुत्र, अब्दुलरहमान एक सैन्य नेता थे.

उम्मर इब्ने सईद

उम्मर इब्ने सईद 1770 में सेनेगल के फूटा टोरो में पैदा हुए थे, मुस्लिम ऑफ़ यूएसए के अनुसार, 1807 में पकडे जाने के बाद उन्हें उमर मोर्यू और प्रिंस ओमेरह के रूप में जाना गया. उन्हें एक इस्लामिक विद्वान् के रूप में जाना जाता था, उन्हें अंकगणित से लेकर धर्मशास्त्र तक कई विषयों की जानकारी थी. उन्होंने अरबी में कई ग्रन्थ लिखे थे.

साली बिलाली

साली बिलाली माली में पैदा हुए थे और 1782 में उन्हें गुलाम बना लिया गया था. अबोलीशन इंस्टिट्यूट के अनुसार उनकी मौत के वक़्त उनके अंतिम शब्द कलमा शहादात के थे। रॉबर्ट अब्बोट, शिकागो में डिफेंडर के संस्थापक, उनके वंशज हैं.