ये लगभग 1,400 वर्ष पूर्व की बात हैं, जब पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद सलल्लाहो अलह वसल्लम ने इस्लाम की दावत दी. जिसके बाद अल्लाह की इबादत करना इतना आसान नहीं हुआ करता था तो पैग़म्बर साहब अक्सर अल्लाह की इबादत के लिए ग़ार-ए-हिरा तशरीफ़ ले जाया करते थे.
देखिये ग़ार-ए-हिरा की ये पाक तस्वीरे..

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