कौन थे हज़रत सय्यद शाह निमतुल्लाह वली?

हज़रत सय्यद शाह निमतुल्लाह वली अलेह रहमतुर रहमान, एक महान सूफी और प्रसिद्ध कवी थे. हज़रत सय्यद शाह निमातुल्लाह वली असली नाम सय्यद नूरुद्दीन था लेकिन तारिख उनको शाह निमतुल्लाह वली के नाम से जानती हैं. शाह वाली 14 वी और 15 वी सदी के एक प्रसिद्ध कवि हैं, जिन्होंने अरबी और फ़ारसी में कई ऐसी कविताये लिखी जिसमे उन्होंने भविष्य में होने वाली घटनो के बारे बताया. इन्होंने कई ऐसी भविष्यवाणिया की जो सही साबित हुई हैं. जिसके बारे में निचे बताया गया हैं.

जन्म और मृत्यु

इनका जन्म 1130 में सीरिया के अलेप्पो या हलब शहर में हुआ था, तथा कई इतिहासकारो का मन्ना हैं कि इनका जन्म ईरान में हुआ था, और शाह वाली का विसाल या देहांत 1231 ईo में हुआ था, और इनकी नमाज़-ए-जनजा सुल्तान शब्बुद्दीन ज़ह्मि ने पढाई.

इनकी मज़ार शरीफ 

इनका आलिशान मक़बरा ईरान के महान के नज़दीक यज़ में मौजूद हैं जहां इन्होंने खानकाह की नींव राखी थी. मौजूद समय निमातुल्लाह सिलसिले संस्थापक भी शाह वली ही हैं. इनका सिलसिला नसब हज़रत मूसा काज़िम से मिलता हैं. जो की खुद एक बहुत बर्गज़ीदा शख्सियत थे.

सूफी विचारधारा और इल्म-ए-कलाम

हज़रत सय्यद निमातुल्लाह वाली ने दुनिया के लगभग सभी मुस्लिम देशो में गए जहां उन्होंने कई दर्शनशास्त्र की शिक्षा ग्रहण की. लेकिन उनको कोई निजी दर्शनशास्त्री नहीं मिला जो खुद को इनके लिए समर्पित कर सके.

इन्होंने क़ुरान सय्यद जलालुद्दीन काज़मी से पढ़ा जबकि इल्म-ए-कलाम शैख़ शमसुद्दीन मक्की से मक्का शरीफ में पढ़ा और इस दौरान आप सात सालो तक मक्का शरीफ में रहे. और फिर ईरान, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, समरकंद, मुल्तान और कश्मीर का सफर भी किया. इनको अल्लाह का बुज़ुर्ग मन जाता हैं और इनके चाहने वालो की कमी भी नहीं हैं. ये बुज़ुर्ग तकरीबन 855 साल पहले गुज़रे हैं. उन्होंने हज़ारो फ़ारसी शायरी लिखी.

शाह वली की प्रमुख भविष्यवाणिया

लेकिन इनका एक क़सीदा फ़ारसी में लिखा हैं जिसमे उन्होंने कई भविष्यवानिया की, ये हैरान करने वाला हैं क्योकि उन्होंने 100 से 800 साल बाद आने वाले बादशाहो और अंग्रेज़ो के आने के बारे में बतौर नाम के साथ लिखा हैं. उन्होंने बादशाहो के नाम उनके सिलसिले के साथ बयान कर दिए वो भी तब जब वो पैदा भी नहीं हुए थे.

1.भारत में मुग़ल साम्राज्य के बादशाहो के बारे में 

 

उन्होंने भारत में मुग़ल साम्राज्य के बादशाह तैमूर का ज़िक्र अपने शायरी में किया, और ये उन्होंने बादशाह की पैदाइश से 200 साल पहले बता दिया था. वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया को प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार इसी तरह लोदो साम्राज्य के सिकंदर लोदी और अन्य बादशाहो के बारे में भी उन्होंने अपनी शायरी में लिखा, इसके अतरिक्त भारत में अंग्रेज़ो के आगमकं के बारे में भी उन्होंने लिखा था.

2.बादशाह बाबर के बारे में की गयी भविष्वाणी

उन्होंने अपने लेख में जो भविष्यवाणियां जो सही साबित हुई की उसमे से कुछ के बारे में हम यहाँ बताने जा रहे हैं. वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया को प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी शायरी में लिखा कि बाबर के अस्तित्व में आने से लगभग 350 साल पहले यानि 1174 ईo में काबुल का बादशाह यानि बाबर दिल्ली में भारत का वारिस होगा.

इसके बाद फरमाते हैं कि बादशाह हुमायं को एक हादसा पेश आएगा और उसके बाद शेरशाह सूरी वजूद में आएंगे. तो यदि भारत की तारिख का अध्यन किया जाये तो वो इन भविष्वाणियों को सही साबित करती हैं. ये बड़ी दिलचस्प बात हैं कि शाह निमतुल्लह वली ने लगभग सभी मुग़ल बादशाहो के नाम लेकर उनका तज़किरा किया.

3.सिख्खो के धर्मगुरु गुरुनानक और प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में भविष्वाणी   

इसके बाद वह गुरुनानक का भी ज़िक्र करते हैं, वह कहते हैं कि उसका नाम नानक होगा और वो एक फखीर होगा जिसका खूब चर्चा होगा और वो काफी प्रसिद्ध होगा. वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया को प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार इसके अतरिक्त उन्होंने जर्मनी कि लड़ाई का ज़िक्र भी किया यानि पहले विश्व युद्ध का जोकि 1914 में हुआ था.और दूसरे विश्व युद्ध के बारे में भी बताया.

4.भारत से अंग्रेज़ो के जाने के बारे में 

भारत में अंग्रेज़ो के वापस जाने के बारे में वह कुछ इस तरह फरमाते हैं कि बेशक अँगरेज़ भारत छोड़ जायेगे लेकिन वह लोगो के बीच एक झगड़ा छोड़ जायेगे. यही पर वह कश्मीर कि लड़ाई का भी ज़िक्र करते हैं कहते हैं कि मुसलमानो के लिए उनकी ज़मीन कम पद जाएगी और उनकी तक़दीर में तबाही और लड़ाई रह जाएगी.

5.भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में हुई जंग और कश्मीर के बारे में 

फिर शाह वली भारत पाकिस्तान के बीच हुई जंग का ज़िक्र, कितने दिन चलेगी उसके साथ बयान करते हैं. वह लिखते हैं कि 17 दिनों के बाद अल्लाह के फ़ज़ल-ओ-करम से इस्लाम की बाज़ी कामयाब होगी.

6.मौजूद दौर के बारे में 

वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया को प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार उन्होंने मौजूद समय के बारे में बताते हुए लिखा कि, इस दायर में लोग सच का साथ नहीं देंगे और छोड़ और डाकुओ को अपना पेशवा मानेगे. इसके अतरिक्त कई अन्य भविष्यवानिया उन्होंने की, जोकि सच साबित हो चुकी हैं.

नोट:इस लेख को वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया के लिए लिखा गया हैं, इसको दुबारा प्रकशित करने के लिए वर्ल्ड न्यूज़ अरबिया की अनुमति ज़रूरी हैं.