संयुक्त राष्ट्र की महासभा में इस्राइल के विरुद्ध पारित होने वाले बिल के बाद इस्राइल बौखलाता हुआ दिख रहा हैं. इस्राइल ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि वो 2017 में संयुक्त राष्ट्र के लिए दिए जाने वाले फण्ड में 6 मिलियन डॉलर की कटौती करेगा.

उल्लेखनीय हैं कि संयुक्त राष्ट्र कि सुरक्षा परिषद् ने इस्राइल के फिलिस्तीनी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े के खिलाफ बिल्ल पारित किया हैं. गौरतलब हैं कि संयुक्त राष्ट्र की सभा में इस्राइल के फिलिस्तीनी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े के खिलाफ प्रस्तावित बिल पर अमेरिका ने वोटिंग प्रक्रिया में भाग नहीं लिया और फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए इस्राइल के अवैध अधिक्रमण की आलोचना भी की थी.

यह पहली बार था जब अमेरिका ने अपने वीटो शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया और मतदान में भाग नहीं लिया था. इस मामले पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमला बोला था.

लेकिन हाल में निर्वाचित हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मुद्दे पर ट्विटर लिखा कि संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी. इस्राइल के प्रधामंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल इस शर्मनाक इस्राइली विरोधी प्रस्तव को ख़ारिज करता हैं, और इस्राइल इसकी शर्तों का पालन नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि इस्राइल नाव निर्वाचित डोनाल्ड ट्रम्प के साथ काम करने के लिए आगे बढ़ रहा हैं और इस प्रस्तावित बिल से उभरने वाली समस्याओ के समाधान की भी तलाश मिलकर करेगा.

अमेरिका के ट्रम्प और इस्राइली लॉबी की पूरी कोशिशो के बाद भी संयुक्त राष्ट्र परिषद् में इस बिल को मंज़ूरी दे दी गयी हैं. राष्ट्रपति ओबामा ने इस्राइल के अवैध कब्ज़े पर सख्त नाराज़गी जतायी हैं.