येरुशलम स्थित मस्जिद अल-अक़्सा के इमाम का कहना हैं कि पिछले दो सालो में यहाँ पर करीब 100 लोग इस्लाम धर्म में दाखिल हुए हैं. अल-अक़्सा के इमाम एवं प्रसिद्ध मुफ़्ती इकरिमा शेख साबरी ने कहा है कि अल-अक्सा मस्जिद में पिछले दो साल के दौरान 17 पश्चिमी देशों के 100 लोगों ने इस्लाम धर्म को अपनाया है.

उल्लेखनीय हैं कि यहाँ पर दुनिया के अलग-अलग देशो से पर्यटक आते हैं, जो इस्लाम से प्रभावित होकर अपने आप को इस्लाम धर्म के हवाले कर देते हैं. मुफ़्ती साहब के अनुसार इस्लाम धर्म को अपनाने वालों में अमेरिका, फ़्रांस, जर्मनी, ब्रिटैन एवं फ़िनलैंड के नागरिक शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि इस्लाम न्याय और सहिष्णुता का धर्म होने के साथ एक व्यापक धर्म है. पवित्र किताब कुरान में इस्लाम अपनाने के लिए जोर जबरदस्ती को मना किया गया है, मुफ़्ती साबरी साहब ने पवित्र कुरान का हवाला देते हुए कहा कि यह धर्म परिवर्तन अपनी मर्ज़ी से ही होना चाहिए, इसके लिए कोई दबाव नहीं डाला जाना चाहिए.

गैरतलब है जहाँ एक ओर विश्व भर में इस्लाम के प्रति लोगो का नज़रिया आतंकवाद की छवि दिखाता हैं, लेकिन इस गलत विचारधारा को गलत साबित करते हुए विश्व के विभिन्न स्थानों पर लोगो के इस्लाम में दाखिल होने वालो की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही हैं. जोकि इस बात का सबूत हैं कि इस्लाम धर्म बड़ा ही पाक और सच्चा धर्म हैं.