इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान ने दुनिया के मुसलमानों से जो वादा किया है उसके दृष्टिगत, पूरी शक्ति के साथ रोहिंग्या मुसलमानों को उनका हक़ दिलवाने की कार्यवाही करेगा।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की महा सभा का वार्षिक अधिवेशन, ईरान सरकार द्वारा म्यांमार के मुसलमानों के जनसंहार का विषय उठाने के लिए बेहतरीन अवसर होगा।

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने यह बयान करते हुए कि ईरान ने अतीत में भी विभिन्न बैठकों में सक्रिय रूप से तथा विदेशमंत्री की अपने समकक्षों से मुलाक़ातों के दौरान इस विषय को उठाया था, कहा कि हाल ही में म्यांमार के अत्याचार ग्रस्त मुसलमानों की रक्षा के लिए विदेशमंत्री की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम पत्र लिखने सहित  ईरान के विदेशमंत्रालय ने बहुत अधिक कार्यवाहियां की हैं।

श्री बहराम क़ासिमी ने बल दिया कि ईरान विभिन्न स्तरों पर रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध बौद्ध चरमपंथियों के हमलों और सेना के अपराधों को रुकवाने के लिए अपने प्रयास यथावत जारी रखेगा।

राख़ीन प्रांत में मौजूद लोगों की कहना है कि वहां की स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण और ख़तरनाक है।  मानवाधिकार संगठन और जानकारों का मानना है कि म्यांमार के सुरक्षाबल और वहां के चरमपंथी बौद्ध, बहुत ही सुनियोजित ढंग से संयुक्त रूप से रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध कार्यवाही कर रहे हैं।  इन मुसलमानों को अतिवादी बताते हुए वे बड़ी बरबर्ता से उनकी हत्याएं कर रहे हैं।  हालांकि कुछ देशों के इसके विरोध में प्रदर्शन भी किये गए किंतु रोहिंग्या मुसलमानों पर जारी अत्याचारों में कोई कमी नहीं आ रही है।

उल्लेखनीय है कि राख़ीन प्रांत में सेना की छावनी पर अज्ञात लोगों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध कार्यवाही आरंभ कर दी थी। म्यांमार की सेना की कार्यवाही में अब तक 400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। कुछ ग़ैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन हमलों में 1000 से अधिक लोग मारे गये हैं।


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