पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने म्यांमार के राजदूत को तलब करके रोहिंग्या मुसलमानों पर सेना और चरमपंथी बौद्धों की ओर से जारी अत्याचार पर आपत्ति जताई।

पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जनजूआ ने म्यांमार के राजदूत के सामने कड़े स्वर में पाकिस्तान का विरोध जताया और रोहिंग्या मुसलमनों के ख़िलाफ़ जारी बर्बरता रोकने के लिए आवश्यक क़दम उठाए जाने की मांग की।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से जारी होने वाले बयान के अनुसार विदेश सचिव ने म्यांमार के राजदूत से रख़ाइन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा देने, उनके अधिकारों की रक्षा और उन्हें बिना किसी भेदभाव और भय के आवाजाही की अनुमति दिए जाने की मांग की।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने मांग की कि रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ जारी अत्याचार की जांच कराई जाए और उनकी हत्याओं में लिप्त अपराधियों को दंडित किया जाए।

म्यांमार के राजदूत यूवन माइंट ने विदेश सचिव को आश्वस्त किया कि वह म्यांमार की सरकार तक पाकिस्तान की सरकार और जनता की चिंताएं पहुंचाएंगे।