इस्लामी गणतंत्र ईरान और तुर्की के राष्ट्रपतियों , ” हसन रूहानी ” और ” रजब तैयब अर्दोगान ” ने शनिवार की रात ” आस्ताना” में इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन में एक भेंट में म्यांमार सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

राष्ट्रपति रूहानी ने इस भेंट में म्यांमार के मुसलमानों की दुखदायी दशा का उल्लेख करते हुए बल दिया है कि म्यांमार में एक बहुत बड़ी त्रासदी जन्म ले रही है और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ तत्काल हिंसा रोकना, पीड़ितों की तत्काल सहायता, इस्लामी देशों के नेताओं का सामूहिक व संयुक्त उद्देश्य होना चाहिए।

राष्ट्रपति डॅाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि मियांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के लिए ईरान से मानवता प्रेमी सहायता शीघ्र ही रवाना हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के सिलसिले में मुसलमान देशों विशेषकर , ईरान व तुर्की के मध्य सहयोग महत्वपूर्ण व प्रभावशाली हो सकता है।

उन्होंने आशा प्रकट की कि मियांमार के बारे में आस्ताना में इस्लामी देशों का शिखर सम्मेलन उन लोगों को स्पष्ट व मज़बूत संदेश देगा जो मियांमार में मुसलमानों के खिलाफ हिंंसा कर रहे हैं।

इस भेंट में तुर्की के राष्ट्रपति ” रजब तैयब अर्दोगान” ने भी आशा प्रकट की कि आस्ताना में इस्लामी देशों का शिखर सम्मेलन मियांमार के बारे में बयान जारी करेगा और इस संदर्भ में ईरान के साथ संयुक्त क़दम उठाया जा सकता है और मिंयामार के नेताओं को हिंसा तत्काल रोकने के लिए गंभीर चेतावनी दी जा सकती है।

अर्दोगान ने इसी प्रकार, ईरान और तुर्की को इलाक़े के बड़े देशों की संज्ञा दी और कहा कि दोनों देशों का सहयोग हर क्षेत्र में सार्थक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इलाक़े के सभी देशों की अखंडता की रक्षा बहुत अहम है।


Urdu Matrimony - अरब देशों में शादी करने के इच्छुक है तो यहाँ क्लिक करके फ्री रजिस्टर करें

Comments

comments

loading...

अरब देशों में नौकरी करना चाहते है तो यहाँ क्लिक करें