ढाका – रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार से इस समय पूरी दुनिया के लोग परेशान है, पश्चिमी मुल्कों से लेकर तमाम एशियाई देशों में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है, गौरतलब रहे की तुर्की उन देशों में से एक देश है जिन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सबसे पहले आवाज़ उठाई है था कल ही तुर्की ने मदद से भरा जहाज बांग्लादेश की तरफ रवाना किया है.

इसी कड़ी में अभी जो खबर आई है उसे पढ़कर आप भावुक भी हो सकते है. रोहिंग्या मुसलमानों पर ज़ुल्मों सितम के कारण खुद को रोक नही पायीं तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी और पहुँच गयी बांग्लादेश के उन शिविरों में जहाँ रोहिंग्या मुसलमान बहुत दयनीय स्थिति में रह रहे है, और यहीं नही एमी एर्दोगान रोहिंग्या मुसलमानों को हालात देखकर अपने आंसू नही रोक पायी और शुरुआत में नम आँखों से हाल जानती एमी एर्दोगान खुद फूट-फूट कर रोने लगी.

तुर्की के प्रेसिडेंट रेसेप तैयप एर्दोगान की पत्नी एमी एर्दोगान बंगलादेश की राजधानी ढाका पहुची है वो उस डेलीगेशन का हिस्सा है जोकि रोहिंग्या मुस्लिमो के रिफ्यूजी कैम्प का दौरा करेगा. इस डेलीगेशन में तुर्की के कई राजनेता और राहत सहायता पहुचाने वाली एजेंसियों के भी सदस्य है.

एर्दोगान बाज़ार जिले के कुतुपलोंग रिफ्यूजी कैम्प का दौरा करके वहां सहायता सामग्री पीडितो को वितरित करेंगी.वही उनके बांग्लादेश के पीएम शेख हसीना वाजिद से भी मुलाक़ात की संभावना है। प्रेसिडेंट एर्दोगान की पत्नी के अलावा इस डेलीगेशन में तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत कावुसोग्लू और प्रेसिडेंट एर्दोगान के छोटे बेटे बिलाल एर्दोगान भी आये है.टर्की ने एक लाख रोहिंग्या मुस्लिमो के लिए सहायता सामग्री भेजी है

एर्दोगान ने बांग्लादेश के प्रयासों की सरहना की
तुर्की के रोहिंग्या मुस्लिमो के डेलीगेशन का बांग्लादेश ने गर्मजोशी से स्वागत किया है बांग्लादेश के विदेशमंत्री ने खुद स्वागत करने पहुचे.वही तुर्की के प्रेसिडेंट रेसेप तैय्यप एर्दोगान ने बांग्लादेश के प्रेसिडेंट मोहम्मद अब्दुल हामिद से फ़ोन पर बातचीत में बांग्लादेश द्वारा रोहिंग्या मामले में उठाये गये क़दम की सराहना करते हुए पीडितो को कैसे मदद पहुचे इस पर चर्चा की.

अब तक म्यांमार में उत्पीडन के वज़ह से एक लाख से भी ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमो ने बांग्लादेश में शरण ली है वही मानवाधिकार संगठनो ने आशंका ज़ताई है कि बंगला देश में चार लाख रोहिंग्या मुस्लिमो का पलायन हो सकता है. वही म्यांमार ने दुनियाभर से पड़ रहे दवाब के बावुजूद किसी नरमी का संकेत नही दिया है म्यांमार ने एलान किया है कि जो लोग अपनी नागरिकता साबित कर देंगे उन्ही को म्यांमार वापस लेगा

ध्यान देने की बात है कि रोहिंग्या मुस्लिमो को म्यांमार सरकार अपना नागरिक पहले से ही नही मानती है इस वज़ह से रोहिंग्या मुस्लिमो के पास नागरिकता पहले से ही नही है इसलिए इस तरह का एलान रोहिंग्या मुस्लिमो के लिए बर्मा में दुबारा बसने को असंभव बना रहा है.