भारत में हाल ही में एक सीमा के जवान द्वारा जारी विडियो के बाद देश भर में बवाल खड़ा हो गया हैं. जहां एक और बीएसएफ के जवान तेज बहादुर ने अपने वरिष्ठ अधिकारियो पर आरोप लगते हुए विडियो में कहा हैं कि हमको घटिया खाना दिया जाता हैं वही दूसरी तरफ बीएसएफ कैंपों के आसपास रहने वाले लोगों का दावा है कि कुछ अधिकारी उन्हें फ्यूल और राशन का सामान मार्केट से आधे दाम पर बेचते हैं.

इसके अलावा देश के कुछ नेताओं का कहना हैं कि ये आरोप झुटे हैं. हालाँकि मामला उच्चस्तरीय स्तर पर पहुंच चूका हैं और देश के ग्रह मंत्री ने जाँच के आदेश भी दिए है. जिसके बाद तत्काल इस मामले में जाँच शुरू कर दी गयी हैं.

तेज बहादुर ने विडियो में दावा किया कि सरकार राशन का पर्याप्त सामान भेजती है, स्टोर्स भरे पड़े हैं मगर अधिकारी सामान को सैनिकों तक नहीं पहुंचने देते और बाहर ही बेच देते हैं.

भारतीय मीडिया जानकारी के मुताबिक एक बीएसएफ जवान और श्रीनगर स्थित हुमहमा बीएसएफ हेडक्वॉर्टर के आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले दुकानदार, कुछ बीएसएफ अधिकारियों द्वारा बेचे जाने वाले ईंधन के प्रमुख खरीददार हैं। नाम न उजागर करने की शर्त पर एक बीएसएफ जवान ने कहा, “ये अधिकारी स्थानीय बाजारों में राशन और खाने-पीने की चीजें बेच देते हैं.

हत्ता कि हमारी दैनिक ज़रुरत की चीज़े भी हमको प्राप्त नहीं पाती हैं. वे इन्हें बाहर अपने एजेंट्स के माध्यम से मार्केट में बेच देते हैं.”

साथ ही सीमा के करीब स्थित एक ठेकेदार ने बताया कि “हमको मार्केट से आधे दाम पर हुमहमा कैंप के कुछ अधिकारियों से डीजल और पेट्रोल मिल जाता है, इसके अलावा राशन में चावल, मसाले, दाल और रोजमर्रा की चीजें भी बेहद कम दामों में मिल जाती हैं.”

साथ ही इलाके में स्थित एक फर्नीचर वाले ने भी चौकाने वाला दावा किया हैं उसका कहना हैं कि “ऑफिस और बाकी सरकारी जरूरतों के लिए फर्नीचर खरीदने आने वाले अधिकारी हमसे मोटा कमिशन लेते हैं.”