इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी और हमें मुसलमानों के विरुद्ध जारी हिंसा पर गहरा दुख है।

इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के विज्ञान व तकनीक के विषय पर शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए क़ज़ाक़िस्तान रवाना होने से पहले डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि म्यांमार के मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर इस्लामी जगत ख़ामोश नहीं रह सकता।

डाक्टर रूहानी ने ओआईसी के शिखर सम्मेलन के बारे में कहा कि आज की दुनिया में पर्यावरण, रोज़गार, खाद्य सुरक्षा, पानी और ऊर्जा की समस्याओं का समाधान विज्ञान व तकनीक से ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि आस्ताना में शिखर सम्मेलन के अवसर पर द्विपक्षीय मुलाक़ातें भी होंगी जिनमें क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन में भाग लेने के लिए रवाना होने से पहले तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने भी कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए हम अपनी कोशिशें लगातार जारी रखेंगे।

उधर क़ज़ाक़िस्तान के विदेश मंत्री ख़ैरत अब्दुर्रहमानओफ़ ने कहा कि आस्ताना में ओआईसी के शिखर सम्मेलन के एजेंडे में रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि 10 और 11 सितम्बर को होने वाली बैठक में रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

सम्मेलन में 57 इस्लामी देशों के राष्ट्राध्यक्ष और मंत्री भाग लेंगे जिसमें दस वर्षीय विज्ञान व तकनीक दस्तावेज़ को पारित किया जाएगा।

विज्ञान व तकनीक के विषय पर यह ओआईसी का पहला शिखर सम्मेलन है।


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